विश्व सुजोक दिवस एवं प्रोफेसर पार्क जे वू के जन्मदिवस पर सुजोक थेरेपी विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित

विश्व सुजोक दिवस तथा सुजोक थेरेपी के जनक Professor Park Jae Woo के जन्मदिवस के अवसर पर आज हरियाणा सुजोक हेल्थ केयर सेंटर, बरवाला में सुजोक थेरेपी विषय पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुजोक चिकित्सक सरदानन्द राजली ने की।
इस अवसर पर बोलते हुए सुजोक चिकित्सक राजली ने कहा कि सुजोक थेरेपी एक सरल, सुरक्षित और प्रभावी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है, जिसके माध्यम से शरीर के अनेक रोगों का उपचार बिना दवाइयों के भी संभव है। उन्होंने बताया कि सुजोक पद्धति में हाथों और पैरों के विशेष बिंदुओं (पॉइंट्स) को शरीर के विभिन्न अंगों का प्रतिनिधि माना जाता है और इन बिंदुओं पर दबाव, बीज चिकित्सा, चुंबक, रंग चिकित्सा तथा ध्यान (मेडिटेशन) के माध्यम से उपचार किया जाता है।
उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण लोगों में गैस, जोड़ों का दर्द, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, तनाव तथा पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसी स्थिति में सुजोक थेरेपी एक प्रभावी प्राकृतिक विकल्प के रूप में सामने आई है, जो शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को सक्रिय कर रोगों से राहत प्रदान करती है।
गोष्ठी में उपस्थित लोगों को सुजोक थेरेपी के विभिन्न उपचार बिंदुओं की जानकारी दी गई तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया। साथ ही लोगों को सुजोक टी (Sujok Tea) पीने और सुजोक डाइट प्लान अपनाने की सलाह दी गई, जिससे शरीर स्वस्थ और संतुलित बना रह सकता है।
कार्यक्रम में सुजोक थेरेपिस्ट राजसिंह बौद्ध एवं थेरेपिस्ट ओमनारायण सहित किसान नेता ईश्वर वर्मा, सत्यवान सहारण, बलजीत सिहाग, रामफल नम्बरदार, राजबीर सरपंच, डॉ. संदीप न्योलिया, शिक्षाविद राजबीर सिंह, वरिष्ठ किसान नेता महासिंह सिंधु, कृष्ण पनिहारी, पूनम मेहरा, अंकित कुमार, पारस तथा प्रतिक मेहरा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
गोष्ठी के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे सुजोक थेरेपी की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेंगे।
