2025 में प्रकाशित पुस्तकों पर समीक्षात्मक गोष्ठियां आयोजित करेगा जलेस हरियाणा

2025 में प्रकाशित पुस्तकों पर समीक्षात्मक गोष्ठियां आयोजित करेगा जलेस हरियाणा

जनवादी लेखक संघ, हरियाणा की एक ऑनलाइन बैठक गूगल मीट के माध्यम से सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य अध्यक्ष जयपाल ने की। जलेस केंद्र की ओर से राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. संदीप मील विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक का संचालन सरदानन्द राजली ने किया।

मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण जींद में प्रस्तावित बैठक को ऑनलाइन आयोजित किया गया। बैठक की शुरुआत में जनवादी कवि-लेखक रामधारी खटकड़ के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि रामधारी खटकड़ जनपक्षधर साहित्य की एक प्रतिबद्ध और संघर्षशील आवाज थे, जिनकी रचनाएँ शोषण-उत्पीड़न के विरुद्ध प्रतिरोध की चेतना को मजबूत करती हैं। 1 फ़रवरी को जींद में उनकी चुनिंदा रचनाओं पर आधारित एक वैचारिक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।

एक विज्ञप्ति में राज्य सचिव सरदानंद राजली ने बताया कि बैठक में वेनेजुएला में हाल ही में घटित घटनाक्रम पर गंभीर वैचारिक चर्चा की गई। वक्ताओं ने सर्वसम्मति से इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों, जनता की संप्रभुता और आत्मनिर्णय के सिद्धांतों पर सीधा हमला है। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि साम्राज्यवादी ताकतें और उनके समर्थक तानाशाही तरीकों से वेनेजुएला की जनता द्वारा चुनी गई व्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। इस प्रकार के हस्तक्षेप न केवल वेनेजुएला की जनता के संघर्ष को कमजोर करने की साजिश हैं, बल्कि पूरी दुनिया में लोकतांत्रिक आंदोलनों और जनसंघर्षों के लिए गंभीर खतरा भी हैं। जनवादी लेखक संघ ने साम्राज्यवाद के हर रूप के खिलाफ वेनेजुएला की जनता के साथ एकजुटता व्यक्त की।

बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित निर्णय लिए गए—

आगामी एक फ़रवरी को जनवादी लेखक संघ, हरियाणा राज्य कमेटी की बैठक जींद में आयोजित की जाएगी।जनवरी माह में सभी जिला कमेटियों की बैठकें आयोजित कर संगठन विस्तार एवं सदस्यता अभियान को तेज किया जाएगा।

कुरुक्षेत्र के साथियों के साथ बैठक कर कुरुक्षेत्र इकाई के सम्मेलन की शीघ्र योजना बनाई जाएगी।वर्ष 2025 में प्रकाशित रचनाकार साथियों की पुस्तकों पर केंद्रित समीक्षात्मक संगोष्ठियाँ आयोजित की जाएँगी। इसके साथ-साथ पुस्तक चर्चाएँ, काव्य गोष्ठियाँ, वैचारिक संवाद तथा नए रचनाकारों को जोड़ने के प्रयासों को संगठित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।संगठन की वैचारिक स्पष्टता और सामूहिक समझ को मजबूत करने के उद्देश्य से एक दिवसीय राज्य स्तरीय वैचारिक कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें “जलेस के वैचारिक परिप्रेक्ष्य, जनवादी साहित्य की भूमिका और समकालीन चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।”राज्य स्तरीय समीक्षात्मक काव्य गोष्ठी आयोजित की जाएगी,जिसमें हरियाणा के कवियों की रचनाओं पर गंभीर,आलोचनात्मक और वैचारिक चर्चा होगी।

बैठक में डॉ. रणबीर सिंह दहिया, प्रमोद गौरी, मंगतराम शास्त्री, डॉ. मानसिंह, मनजीत राठी, सिद्दीक़ी अहमद मेव, नरेश प्रेरणा, विनोद सिल्ला, मनीषा, अनुपम शर्मा, ऋषिकेश राजली, राममेहर कमेरा, कर्मचंद केसर, राजेश दलाल सहित अनेक जनवादी लेखक एवं साथी उपस्थित रहे।