सीजेपी आंदोलन: वांगचुक जारी रखेंगे अनशन, विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की हिंसा की कड़ी निंदा की

सीजेपी आंदोलन: वांगचुक जारी रखेंगे अनशन, विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की हिंसा की कड़ी निंदा की

सीजेपी आंदोलन: वांगचुक जारी रखेंगे अनशन, विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की हिंसा की कड़ी निंदा की

नई दिल्ली: जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की विपक्षी दलों और नेताओं ने कड़ी निंदा की है. प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने वाले थे, लेकिन पुलिस ने बल का प्रयोग कर उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया.

इसी बीच सोनम वांगचुक ने एक्स पर एक पत्र साझा कर बताया कि वह अपना अनशन जारी रखे हुए हैं.


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए एक्स पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं – इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते. 152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को. और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए – तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत. लीक करने वाले अपराधी आज़ाद – और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं.’

इससे पहले भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने एक्स पर लिखा, ‘एक असंवेदनशील, कायर और अहंकारी शासन को सबसे मजबूत जवाब एक दृढ़ और निडर जनता का आत्मविश्वास से भरा मार्च ही हो सकता है. आज धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिए गए संसद चलने के आह्वान ने ‘हम भारत के लोग’ की उस छिपी हुई ताकत को जगाया है.’
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा बल के प्रयोग की निंदा की. पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, ‘जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का बर्बर लाठीचार्ज. जिन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद किया, वे आज पुलिस बैरिकेड के पीछे छिपे हुए हैं.’
आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ना बेहद क्रूर है. अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यही युवा मोदी सरकार की तानाशाही का अंत करेंगे.’
आप मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘पूरा जंतर-मंतर, करोल बाग और कनॉट प्लेस लोगों से भरा हुआ है. वहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है और प्रदर्शनकारियों को संसद तक मार्च करने से रोका जा रहा है. यह गलत है. आखिर युवा जाएं तो कहां जाएं?’


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘ये सरकार नौजवानों और छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही है. अगर आपको परीक्षाएं कराना नहीं आता, तो सिंहासन खाली करो, जनता आएगी! ये लोग सत्ता में रहने लायक नहीं हैं!’

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, ‘भाजपा सरकार को बच्चों पर लाठी चलाने की जगह अपनी नीतियों और अक्षमताओं की समीक्षा करनी चाहिए. पहले नीट का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई और री नीट में भी गड़बड़ियों की खबरें आईं. कहा गया था कि प्रधानमंत्री खुद निगरानी करेंगे, इसके बावजूद यह सब क्यों और कैसे हो रहा है? बार-बार इतने पेपर लीक कैसे हो रहे हैं?’

समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, ‘हमने सरकार और पुलिस का रवैया देखा. लाठीचार्ज हुआ, आंसू गैस छोड़ी गई और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों ने छात्रों और युवाओं के साथ जैसा व्यवहार किया, वह सबके सामने है. सरकार ने नहीं सोचा था कि इतनी बड़ी संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतरेंगे. यह सरकार की बड़ी विफलता है और इसी विफलता के कारण लोग यहां इकट्ठा हुए हैं. वर्षों से सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.’

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने कहा, ‘आखिरी बार आपने ऐसा दृश्य कब देखा था? मुझे तो याद नहीं. क्या ये बच्चे चांद-तारे मांग रहे थे? वे सिर्फ संवाद चाहते थे. लेकिन आप अहंकार में डूबे हुए हैं. आप पूरे देश में राजनीतिक दलों को तोड़ रहे हैं और इसे ‘चाणक्य नीति’ कह रहे हैं.’

हिंसा पर दिल्ली पुलिस का बयान

दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (जनसंपर्क) राजीव रंजन ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने, संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील करती है. सभी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें, किसी भी गैरकानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के वैध निर्देशों का पालन करें.’

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना या अपुष्ट सामग्री पर विश्वास न करें और न ही उसे साझा करें. साथ ही केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेने और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करने की अपील की.’
हालांकि, सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं.

नड्डा और सीजेपी के प्रवक्ताओं के बीच बैठक समाप्त

इससे पहले सोमवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सौरव दास ने कहा, ‘मैं और आशुतोष रांका दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद थे. हमारी सभी मांगें, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा या उन्हें पद से हटाने की मांग भी शामिल है, उन्हें सौंप दी गई हैं.’

उन्होंने कहा, ‘मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वह हमारी मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा करेंगे. हालांकि, अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है. जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा.’
सौरव दास ने आगे कहा कि मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर और उसके आसपास आगे कोई पुलिस कार्रवाई नहीं होगी. हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस की कार्रवाई रुकने की कोई खबर नहीं है.

बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा, ‘आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से ही हमारी बातचीत जारी है. सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई. उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ पहले विस्तार से मौखिक चर्चा हुई और लगभग शाम 4 बजे उन्होंने मुझे अपनी लिखित याचिका सौंपी. मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपना धरना समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करें.’

सौरव दास ने सोमवार को शाम करीब सात बजे फिर इस बात की पुष्टि है कि उनके पास अब तक सरकार की तरफ से कोई जवाब या प्रतिक्रिया नहीं आई है; और केरल हाउस के पास विरोध प्रदर्शन जारी है. द वायर हिंदी की रिपोर्ट साभार

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