Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

शंभुनाथ की कविता – इन दिनों

कविता  इन दिनों शंभुनाथ   इन दिनों शब्द हैं जैसे बाढ़ में बहते हुए उखड़े पौधे जिनकी जड़ों में नहीं…