कैथल के सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों ने मूलभूत सुविधाओं के लिए निकाली रैली, लगाए नारे
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बलराज नगर के देवीगढ़ माध्यमिक स्कूल की हालत खराब, दरी पर बैठकर पढ़ने की मजबूरी
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स्कूल बचाओ अभियान का नारा — नहीं चाहिए खोखले वादे, स्कूलों में दो पूरे संसाधन!
कैथल। कैथल के बलराज नगर स्थित देवीगढ़ माध्यमिक स्कूल में स्कूल की बेहतरी तथा विद्यार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर स्कूल बचाओ अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने रैली निकाली, नारे लगाए और परचे वितरित कर सरकारी स्कूलों के ढांचे को मजबूत करने की अपील की।

अभियान में शामिल विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल में पर्याप्त संख्या में डेस्क उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण अनेक विद्यार्थियों को फर्श पर या अन्य असुविधाजनक परिस्थितियों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। विद्यार्थियों के अनुसार कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों के लिए डेस्क उपलब्ध है, जबकि बाकी कक्षाओं के विद्यार्थी दरी पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि स्कूल के शौचालयों की हालत बेहद खराब है। मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल बचाओ अभियान के अजय ने कहा कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पहले भी अनेक समस्याओं से जूझती रही है, लेकिन भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद शिक्षा के बचे-खुचे सरकारी ढांचे को भी लगातार कमजोर किया जा रहा है। आज बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन, खराब भोजन, बिजली और स्वच्छ पानी की कमी, टूटे व गंदे शौचालय तथा अन्य बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। सरकार को सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सुधारने के बजाय केवल घोषणाओं और खोखले वादों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
नौजवान भारत सभा ने विद्यार्थियों की मांगों का किया समर्थन
नौजवान भारत सभा के जगविंदर ने कहा कि हम विद्यार्थियों की इन जायज़ मांगों का पूर्ण समर्थन करते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि विद्यार्थियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और सभी सरकारी स्कूलों में पर्याप्त डेस्क, स्वच्छ व उपयोगी शौचालय, पीने का साफ पानी, बिजली, पर्याप्त शिक्षक तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
शिक्षा मुनाफे का कारोबार नहीं, बच्चे का अधिकार
उन्होंने कहा कि नौजवान भारत सभा की मांग है कि पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण, समान और निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था लागू की जाए तथा शिक्षा के बाजारीकरण पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। शिक्षा किसी के लिए मुनाफे का कारोबार नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। स्कूल की समस्याओं को लेकर जल्द ही हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा तथा संबंधित शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों की मांगों को पूरा करने की मांग की जाएगी।
