दिल्ली में सुमन नागर ‘सरल’ के काव्य संग्रह खामोशी के पार का लोकार्पण
हिन्दी भवन, दिल्ली में नव-सरोकार फाउंडेशन के तत्वावधान में कवयित्री एवं लेखिका सुमन नागर ‘सरल’ के द्वितीय काव्य-संग्रह *”ख़ामोशी के पार”* का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ।

58 कविताओं और आठ खंडों में विभाजित इस संग्रह में लेखिका ने आम भारतीय जीवन के संघर्ष, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक मुद्दों को पात्रों और घटनाओं के माध्यम से बेहद खूबसूरती से उकेरा है।
उल्लेखनीय है कि सुमन नागर ‘सरल’ पिछले 12 वर्षों से लेखन में सक्रिय हैं और साहित्य-24 व प्रेरणा दर्पण साहित्यिक मंच, नव सरोकार फाउंडेशन संस्था, नव उदघोष फाउंडेशन, आगमन मंच, काव्यशक्ति फाउंडेशन जैसे प्रतिष्ठित मंचों से सम्मानित हो चुकी हैं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि *सुश्री ममता किरण* जी, संस्था के संस्थापक *श्री प्रवीण व्यास* जी, उपाध्यक्ष व कवयित्री *सुश्री सीमा कौशिक ‘मुक्त’* जी एवं वरिष्ठ साहित्यकार *श्री राजेश प्रभाकर* जी के कर-कमलों द्वारा पुस्तक का लोकार्पण किया गया और इस काव्य-संग्रह को बेहद सराहा गया।
समीक्षा सत्र में वरिष्ठ साहित्यकार राजेश प्रभाकर ने कहा, _”‘ख़ामोशी के पार’ लंबे अंतराल के बाद आई एक सार्थक अभिव्यक्ति है। यह केवल कविता संग्रह नहीं, बल्कि समाज के लिए एक दिशा-निर्देशिका है।”
कार्यक्रम में साहित्य, न्याय, मीडिया और समाजसेवा से जुड़ी कई हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें विदेश मंत्रालय की पूर्व संयुक्त सचिव डॉ. काजल भट, दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता श्री अजय कुमार, एफएम गोल्ड की आरजे शीतल बंसल, शायर सरफराज अहमद, वरिष्ठ लेखक सुशील सिंह ‘मानव’, कवयित्री सीमा शर्मा ‘मंजरी’, डॉ. सलोनी चावला, कवि नरेंद्र शर्मा ‘खामोश’, शायर फरीद अहमद, वरिष्ठ लेखक श्री एहतराम सिद्दीकी, वरिष्ठ साहित्यकार प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’, कवि विवेक कविश्वर, श्री गोल्डी गीतकार, कवयित्री दीपा शर्मा, समाजसेवी श्रीमती सुनीता खारी, गीता चौधरी, शिखा चौधरी, पूजा सैनी तथा सुनीता, कवयित्री स्वाति गोयल, शिक्षिका रीमा ठाकुर, जीएसटी सलाहकार देवेंद्र नागर, शिक्षिका ममता वर्मा और प्रेमपाल वर्मा (खादी ग्रामोद्योग विभाग) समेत अनेक प्रतिष्ठित व्यक्ति तथा कविगण मौज़ूद रहे।
