हरियाणाः जूझते जुझारू लोग – 116
सोहन सिंह रंधावा : टिकाऊ और संघर्षशील
सत्यपाल सिवाच
सोहन सिंह रंधावा का जन्म 6 जनवरी, 1966 को माता श्रीमती सुरजीत कौर की पावन कोख से जिला सिरसा, हरियाणा के गांव खतरावां में एक सिख परिवार में हुआ। उनके पिता जी का नाम सरदार जोगेंद्र सिंह है। परिवार में वे सबसे बड़े हैं। इनके अलावा एक भाई नायब सिंह और एक बहन जसबीर कौर हैं।
सोहन सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गांव खतरावां के राजकीय प्राथमिक स्कूल, मिडिल की शिक्षा राजकीय हाई स्कूल, कालांवाली मंडी तथा मैट्रिक की शिक्षा राजकीय हाई स्कूल, सुखचैन में हुई। नौकरी लगने के बाद जे.एस.डी. कॉलेज (सिरसा) से प्रथम श्रेणी में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की तथा पत्राचार के माध्यम से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की परीक्षा पास की।
बचपन में घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। कठिन मेहनत और मजदूरी करके सोहन सिंह रंधावा ने अपनी पढ़ाई पूरी की। पूर्व मंत्री जगदीश नेहरा के साथ इनके पारिवारिक सम्बन्ध रहे 1983 में वर्क मुंशी के रूप नौकरी शुरू की। राजकीय महाविद्यालय सिरसा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में नियुक्त हुए। नौकरी के साथ-साथ शिक्षा जारी रखी।
वहीं से 18 नवंबर 1983 को श्रम एवं रोजगार विभाग, सिरसा में नियुक्ति प्राप्त हुई। सन् 1993 में उनकी सेवा नियमित हुई। जब जगदीश नेहरा मंत्री बने तो 1993-95 में सोहनसिंह ने उनके निजी सचिव के रूप में काम किया। 1993 में वे सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत हुए तथा 31 जनवरी 2024 को 40 वर्ष 2 माह की सेवा पूर्ण कर सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए।
सरकारी नौकरी के दौरान कर्मचारियों की सेवा भावना को देखते हुए फील्डवर्क्स के तीनों विभागों (जल संसाधन, सिंचाई एवं यांत्रिक शाखा) के कर्मचारियों को संगठित कर हरियाणा राज्य फील्डवर्कर्स मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन का गठन किया। शुरू से ही वे यूनियन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। यूनियन में उन्होंने शाखा सचिव से लेकर राज्य स्तर तक विभिन्न पदों पर कार्य किया।
1986 से 1989 तक सचिव, 1990 से 1992 तथा 1996 से 1998 तक शाखा सचिव, 2015 से 2017 तक जिला प्रधान, 1995 से 2009 तक लगातार राज्य संगठन सचिव,प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष जैसे पदों पर कार्य किया।
दिसंबर 2021 में केंद्रीय समिति में राष्ट्रीय संगठन सचिव चुने गए और आज तक सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।
1986 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल की नीतियों के विरोध में प्रदेश-व्यापी कर्मचारी संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई। 1989 में रोडवेज के आन्दोलन में 10 दिन तथा 1997 में नगरपालिका हड़ताल के दौरान 45 दिन सिरसा जेल में बंद रहे। इस तरह वे 55 दिन जेल में रहे।
उन्होंने ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक विभिन्न पदों पर संगठन का नेतृत्व किया । 1988-1990 ब्लॉक प्रधान राणियां , 1990-1992 जिला सहसचिव, 1997-1999 जिला सचिव, 1995-2005 जिला प्रधान,2010-2012 जिला प्रधान, 2013-2016 ब्लॉक प्रधान कालांवाली, 2016-2018 जिला सचिव,
जनवरी 2023 से पुनः जिला प्रधान चुने गए।
सोहन सिंह रंधावा ने हरियाणा राज्य में आयोजित 14 राज्य प्रतिनिधि सम्मेलनों में भाग लिया। 1997 से लेकर 2016 तक पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में आयोजित राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलनों में हरियाणा राज्य का प्रतिनिधित्व किया। 1999 मुंबई, 2002 चेन्नई, 2005 कोलकाता, 2007 कानपुर में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सम्मेलनों में भी सक्रिय सहभागिता रही।
वे नये साथियों से उम्मीद करते हैं कि आपसी मेलजोल बढ़ाकर संगठन को मजबूत करें। उन्होंने अपने राजनीतिक सम्बन्धों को कभी संगठन के काम के लिए रुकावट नहीं बनने दिया। फिलहाल भी वे शहीद यादगार समिति, लोक चेतना मंच, जन शिक्षा समिति आदि के जरिए सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं।
उनका विवाह सन् 1990 में अमनदीप कौर के साथ हुआ। उनके दो बच्चे हैं। बेटा अपना कारोबार करता है और बेटी पंजाब में टीचर है। दोनों बच्चे विवाहित हैं।

लेखकः सत्यपाल सिवाच
