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ओमसिंह अशफ़ाक की कविता- जुड़वाँ बहनें

कविता जुड़वाँ-बहनें ओमसिंह अशफ़ाक   जीवित दफ़ना दी गयी थीं बरसों पहले- जुड़वाँ बहनें.. ताज़्जुब है मरी नहीं फिर भी-…