Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

कुमारी शिल्पा “राजपूत” की कविता – बहुत रात हो चुकी है 

कविता बहुत रात हो चुकी है कुमारी शिल्पा “राजपूत   बहुत रात हो चुकी है, चारों ओर घोर सन्नाटा है।…

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कुमारी शिल्पा “राजपूत” की कविता – जीवन की सच्चाई 

कविता जीवन की सच्चाई कुमारी शिल्पा “राजपूत”   रोने से अगर दुख मिट जाते, सारे जग में रोना होता, आँसुओं…