HomeBlogरामस्वरूप किसान की कविता – चुप क्यों है जहां रामस्वरूप किसान की कविता – चुप क्यों है जहां 28 August 202528 August 2025Pratibimb Media कविता चुप क्यों है जहां रामस्वरूप किसान कब से फिलीस्तीन को खाए जा रहा है एक आदमखोर हुक्मरां भूखे बच्चों को छाती से चिपका कब से भटक रही हैं बदहवास माएं यहां-वहां इतने पर भी चुप क्यों है जहां। Post Views: 376
तरक़्क़ी पसंद तहरीक– जब इज़हार-ए-ख़याल की आज़ादी ने कई सरहदों को तोड़ा था समाज की तश्कील-ए-नौ (नया आकार देना) एक मंसूबे पर मुन्हसिर है और इसके लिए एक तंज़ीम की ज़रूरत है।’– तरक़्क़ी…
जवाहरलाल नेहरू के वैज्ञानिक चिंतन की 21वीं शताब्दी में प्रासंगिकता जवाहरलाल नेहरू के वैज्ञानिक चिंतन की 21वीं शताब्दी में प्रासंगिकता डॉ रामजीलाल भारत रत्न जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर…
यह स्पष्ट है कि जनादेश राजग के साथ है: प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के बाद सोमवार को दावा किया कि भारतीय जनता…