कविता
बात-बात पर ताली बजाना
ओमप्रकाश तिवारी
बात-बात पर ताली बजाना
विवेक के क्षरण का संकेत भी है
ताली बजाने से पहले
तय करना पड़ता है
सही-गलत के बारे में
जिसके लिए चाहिए बुद्धि
जो तर्क करे और सही तक पहुंचा दे
जब सवाल ही नहीं उठेगा
विवेक तर्क ही नहीं करेगा
फिर सही तय ही नहीं हो पाएगा
ऐसे में हाथ बात-बात पर ताली बजाएगा
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