HomeBlogमंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! मंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! 14 October 202514 October 2025Pratibimb Media कविता अंत तो मौत है! मंजुल भारद्वाज अंत तो मौत है आओ जी कर देखते हैं ! माना उसके पास सत्ता है,व्यवस्था है उसका हारना कठिन हो पर, आओ ललकार कर देखते हैं ! शरीर भोग है जलकर मिलेगा ख़ाक में आओ चेतना की चिंगारी से दुनिया में उजाला करते हैं! Post Views: 129
मृत पायलटों पर ‘दोष मढ़ने की कोशिश’! हवाई दुर्घटना की प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट जवाबों से ज़्यादा सवाल खड़े करती है अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुआ एयर इंडिया का विमान एआई 171। —फाइल चित्र। मृत पायलटों पर ‘दोष मढ़ने की कोशिश’! हवाई…
बोलने लिखने की आजादी पर हमले बंद करो बोलने लिखने की आजादी पर हमले बंद करो जनवादी लेखक संघ मेरठ ने जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन…
वर्तमान समय में हमारे सबसे जरूरी काम वर्तमान समय में हमारे सबसे जरूरी काम मुनेश त्यागी भारत की आजादी के आंदोलन में लाखों करोड़ों लोगों ने भाग…