HomeBlogमंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! मंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! 14 October 202514 October 2025Pratibimb Media कविता अंत तो मौत है! मंजुल भारद्वाज अंत तो मौत है आओ जी कर देखते हैं ! माना उसके पास सत्ता है,व्यवस्था है उसका हारना कठिन हो पर, आओ ललकार कर देखते हैं ! शरीर भोग है जलकर मिलेगा ख़ाक में आओ चेतना की चिंगारी से दुनिया में उजाला करते हैं! Post Views: 99
बनारस को चौपाटी बना दिया गया है : काशीनाथ सिंह बनारस को चौपाटी बना दिया गया है : काशीनाथ सिंह ‘लोगों ने बनारस को बर्बाद कर दिया है। ये मॉल…
ऑस्ट्रेलिया में दो किशोरों ने 16 साल से कम उम्र के लोगों के सोशल मीडिया प्रतिबंध को दी चुनौती ऑस्ट्रेलिया में दो किशोरों ने 16 साल से कम उम्र के लोगों के सोशल मीडिया प्रतिबंध को दी चुनौती ल्यूक…
आप नीत एमसीडी की कर्मचारियों के लिए 60 करोड़ रुपये के दिवाली बोनस पैकेज की घोषणा नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) नीत दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने मंगलवार को अपने कर्मचारियों के लिए 60 करोड़…