HomeBlogमंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! मंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! 14 October 202514 October 2025Pratibimb Media कविता अंत तो मौत है! मंजुल भारद्वाज अंत तो मौत है आओ जी कर देखते हैं ! माना उसके पास सत्ता है,व्यवस्था है उसका हारना कठिन हो पर, आओ ललकार कर देखते हैं ! शरीर भोग है जलकर मिलेगा ख़ाक में आओ चेतना की चिंगारी से दुनिया में उजाला करते हैं! Post Views: 161
समस्याओं से जूझता भारतीय गणतंत्र: 2026 की कठोर सच्चाई समस्याओं से जूझता भारतीय गणतंत्र: 2026 की कठोर सच्चा – डॉ. प्रियंका सौरभ दो हज़ार छब्बीस का गणतंत्र…
खुश मत होइए- आरबीआई की ब्याज दर में मामूली कटौती से ऋण, कारोबार या कमजोर होती अर्थव्यवस्था को कोई खास फायदा नहीं होगा इस नम पटाखे के लिए पाँच साल का इंतज़ार? भारतीय रिज़र्व बैंक की तिमाही-बिंदु कटौती ( quarter-point cut) विफल हो गई…
प्यारी दीदी योजना’ की घोषणा क्या कांग्रेस को महिलाओं के वोट दिला पाएगी ‘प्यारी दीदी योजना’ के तहत कांग्रेस ने दिल्ली की महिलाओं को प्रति माह 2500 रुपये देने का किया वादा…