HomeBlogमंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! मंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! 14 October 202514 October 2025Pratibimb Media कविता अंत तो मौत है! मंजुल भारद्वाज अंत तो मौत है आओ जी कर देखते हैं ! माना उसके पास सत्ता है,व्यवस्था है उसका हारना कठिन हो पर, आओ ललकार कर देखते हैं ! शरीर भोग है जलकर मिलेगा ख़ाक में आओ चेतना की चिंगारी से दुनिया में उजाला करते हैं! Post Views: 196
करतार सिंह ग्रेवाल : सात बार चार्जशीट, फिर भी भिड़ने का हौसला हरियाणाः जूझते जुझारू लोग-63 करतार सिंह ग्रेवाल : सात बार चार्जशीट, फिर भी भिड़ने का हौसला सत्यपाल सिवाच बीते सालों…
जब ज्योति बसु ने सीताराम येचुरी के लिए कहा था- यह लड़का बहुत भयानक है! इससे सावधान रहिए सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी को श्रद्धांजलि एक कार्यक्रम में ज्योति बसु, ईएमएस नंबूदरीपाद, हरकिशन सिंह सुरजीत और…
एमडीयू अधिकारी समेत तीन पर महिलाकर्मियों से मासिक धर्म साबित करने के लिए कहने पर मामला दर्ज एमडीयू अधिकारी समेत तीन पर महिलाकर्मियों से मासिक धर्म साबित करने के लिए कहने पर मामला दर्ज रोहतक। महर्षि दयानंद…