HomeBlogमंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! मंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! 14 October 202514 October 2025Pratibimb Media कविता अंत तो मौत है! मंजुल भारद्वाज अंत तो मौत है आओ जी कर देखते हैं ! माना उसके पास सत्ता है,व्यवस्था है उसका हारना कठिन हो पर, आओ ललकार कर देखते हैं ! शरीर भोग है जलकर मिलेगा ख़ाक में आओ चेतना की चिंगारी से दुनिया में उजाला करते हैं! Post Views: 228
ओमप्रकाश तिवारी की कविता – बच्चियां गौरैया हो गईं हैं कविता बच्चियां गोरैया हो गईं हैं ओमप्रकाश तिवारी बच्चियां गौरैया हो गईं हैं गोरैया लुप्त हो गईं…
कांग्रेस और आप को दिल्ली विधानसभा चुनाव एक साथ मिलकर लड़ना चाहिए था: अमर्त्य सेन शांतिनिकेतन (प.बंगाल)। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच एकजुटता की ‘‘जबरदस्त जरूरत’’ की वकालत करते हुए नोबेल पुरस्कार…
किताबों में रुचि रखने वाली नजीला टी. याहु इस बात से चिंतित कि बिना पढ़े गए संग्रह पढ़े गए संग्रह से ज़्यादा क्यों हैंनील…