HomeBlogरामस्वरूप किसान की कविता – चुप क्यों है जहां रामस्वरूप किसान की कविता – चुप क्यों है जहां 28 August 202528 August 2025Pratibimb Media कविता चुप क्यों है जहां रामस्वरूप किसान कब से फिलीस्तीन को खाए जा रहा है एक आदमखोर हुक्मरां भूखे बच्चों को छाती से चिपका कब से भटक रही हैं बदहवास माएं यहां-वहां इतने पर भी चुप क्यों है जहां। Post Views: 492 Like 0 0 Comments
हरियाणा का लोकनाट्य एक सांझी विरासत: ‘सांग’व नाटक हरियाणवी संस्कृति के प्रतिबिंब हरियाणा का लोकनाट्य एक सांझी विरासत: ‘सांग’व नाटक हरियाणवी संस्कृति के प्रतिबिंब ये प्रदेश की प्राचीन संस्कृति से लेकर आधुनिक…
फासीवाद की आहटें फासीवाद की आहटें प्रेमकुमार मणि लोकसभा की कार्यवाही देखते हुए ब्रेख्त की एक कविता याद आई. दशकों पहले पढ़ी उस…
धनखड़ का जाना: न कोई खुशी, न कोई आंसू धनखड़ का जाना: न कोई खुशी, न कोई आ एजे फिलिप उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के पिछले सोमवार को दिए गए…