जलेस की मांग- ईरान के खिलाफ साम्राज्यवादी प्रभुत्वकारी हमले बंद करो

जलेस की मांग- ईरान के खिलाफ साम्राज्यवादी प्रभुत्वकारी हमले बंद करो

  जनवादी लेखक संघ मेरठ ने जिलाधिकारी के जरिये राष्ट्रपति को भेजा मांगपत्र

ईरान पर अमेरिका और इजरायली प्रभुत्वकारी साम्राज्यवादी हमलों के खिलाफ आज जनवादी लेखक संघ मेरठ द्वारा राष्ट्रपति महोदया भारत सरकार को एक ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि आज पूरी दुनिया अमेरिकी साम्राजवादी और प्रभुत्वकारी मनमाने हमलों से खौफजदा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमेरिका 72 देश में सैनिक हस्तक्षेप करके करोड़ों बेगुनाह लोगों को मौत के घाट उतार चुका है, लाखों महिलाओं, बच्चियों और बच्चों को मार चुका है। आज पूंजीवादी साम्राज्यवादी व्यवस्था मानव इतिहास की सबसे विनाशकारी और हत्यारी व्यवस्था और सोच बन चुकी है। अमेरिका द्वारा पूरी दुनिया पर कब्जा करने की एक तरफ मनमानी और अपने विरोधी देशों पर कब्जा करने की मुहिम लगातार जारी है।

पूरी दुनिया अमेरिका द्वारा दुनिया के प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने के विध्वंसक, प्रभुत्वकारी युध्दोन्माद को देख रही है। साम्राजवादी अमेरिका का यूएनओ और अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी नियमों और सिद्धांतों में कोई विश्वास नहीं है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया यह हमला ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता और आजादी पर खुल्लम-खुल्ला हमला और उल्लंघन है। अमेरिका और इजराइल का यह हमला अपने विरोधियों को खत्म करने की मुहिम की अगली कड़ी है। अमेरिका की यह मनमानी चालबाजी पूरी दुनिया वेनेजुएला और क्बूबा में किये जा रहे हस्तक्षेप में भी देख रही है। ईरान के तेल एवं पानी के केंद्रों और टंकियां पर हमला करके अमेरिका दुनिया का सबसे पतित और अमानवीय देश बन गया है।

आज अमेरिका विश्व शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। अब दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए यह जरूरी हो गया है कि भारत सरकार अपने पुराने मित्र ईरान पर इस मनमाने, एकतरफा और प्रभुत्वकारी और युध्दोन्मादी हमले की कठोर निंदा करें और तत्काल मांग करें कि इस विध्वंशकारी विनाशकारी हमले को तुरंत बंद किया जाए और अमेरिका एवं इजरायल के खिलाफ यूएनओ और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रावधानों के तहत तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए।

ज्ञापन में मांग की गई है कि यूएनओ स्वेत: संज्ञान लेकर इस मनमाने और एकतरफा हमले की निंदा करे और विपक्षी दलों की एक जरूरी मीटिंग बुलाकर इस हमले को तुरंत बंद करने और हत्यारे अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जरूरी अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की मांग को आगे बढ़ाए। अब दुनिया में वैश्विक शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह सबसे ज्यादा जरूरी हो गया है। भारत समेत पूरी दुनिया में गैस को लेकर हंगामा मचा हुआ है। इसके लिए अमेरिका और इसराइल सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं।

राष्ट्रपति महोदया को जिलाधिकारी क माध्यम से ज्ञापन देने वालों में रामगोपाल भारतीय अध्यक्ष, मुनेश त्यागी सचिव, मंगल सिंह मंगल उप सचिव, धर्मपाल मित्रा कोषाध्यक्ष, महकार सिंह, कुंवर असलम खान और अजहर अंसारी आदि शामिल थे।

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