ऐसा त्याग communist ही कर सकता है….
पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार ने पद्म विभूषण लेने से किया मना
पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार ने पद्म विभूषण लेने से मना कर दिया है। गौरतलब है पिछले दिनों जब पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई थी तो केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा नेता रहे वी एस अच्युतानंदन को मोदी सरकार ने मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार देने की घोषणा की थी। उस समय अच्युतानंदन के परिवार ने इसका स्वागत भी किया था ।
इससे पहले भी केरल के पूर्व मुख्यमंत्री कॉमरेड EMS नंबूद्रिपाद,बंगाल के पूर्व सीएम ज्योति बसु एवं बुद्धदेव भट्टाचार्य जी ने भी प्रेम पूर्वक पद्म पुरस्कार और भारत रत्न तक अस्वीकार किया है!
यह सच्चे वामपंथी नेताओं की जनता के प्रति प्रतिबद्धता और अपने कृतव्य को दर्शाती है! ना की किसी अहंकार का प्रतीक है!कम्युनिस्ट नेताओं ने कभी सवतंत्रता सेनानी पेंशन अथवा आपातकाल के दौरान मिसा की पेंशन नही ली!
ना ही कम्युनिस्ट नेता संसद अथवा विधायक की सैलरी लेते है वो अपनी सैलरी पार्टी को देते हैं,और बदले में उनको पार्टी निश्चित गुज़रा भत्ता देती है!
यह ईमानदारी की भावना और सर्वहारा के लिए सच्ची प्रतिबद्धता ही लेफ्ट को पूंजीवादी सदांध का विकल्प बनाती है!
मुझे सदा से इस बात का गर्व रहा है, मैं एक महान विचारधारा से जुड़ा हूँ,पार्टी का विचार,नीति,कार्यक्रम
बहुत अच्छा लगता है..
(जनता की जनवादी आंदोलन)
CPIM Hisar फेसबुक वॉल से साभार
