समय समाज
छोटे लम्हे, बड़ी सीख
डॉ रीटा अरोड़ा
- पुराने जूते
बेटा पिता के पुराने जूतों से शर्मिंदा था। बाद में पता चला कि पिता ने उसकी पढ़ाई के लिए अपने जूते नहीं बदले।
सीख: माता-पिता अपने त्याग छुपाते हैं।
- खाली कुर्सी
एक आदमी ने महंगा सोफा खरीदा, लेकिन उसके पिता अपनी पुरानी कुर्सी पर ही बैठना पसंद करते थे। बेटे ने उसे हटाने की बजाय घर के बीच में ही रख दिया।
सीख: किसी की सुविधा, आपके दिखावे से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
- गायब फोटोग्राफर
माँ हमेशा परिवार की फोटो लेती थीं-लेकिन खुद किसी फोटो में नहीं थीं। बाद में बच्चों को इसका एहसास हुआ।
सीख: सिर्फ यादें कैद मत करो, उनका हिस्सा बनो।
- मुरझाता पौधा
पति-पत्नी रोज़ झगड़ते थे। एक पड़ोसी ने उन्हें एक पौधा दिया और कहा-“जब झगड़ा करो, इसे पानी मत देना।” कुछ दिनों में पौधा मुरझा गया।
सीख: रिश्तों को रोज़ देखभाल चाहिए। अनदेखी प्यार को खत्म कर देती है।
- महंगे तोहफे बनाम समय
एक पिता ने अपने बच्चे के लिए महंगे खिलौने खरीदे, लेकिन उसे समय नहीं दिया। एक दिन बच्चे ने कहा-“मुझे खिलौने नहीं, आप चाहिए।”
सीख: भावनात्मक निवेश, पैसों से बड़ा होता है।
- बिना बोले सुलझा झगड़ा
पति-पत्नी में बहस हुई। पति ने चाय बनाई, दोनों ने चुपचाप पी ली-और गुस्सा खत्म हो गया।
सीख: खामोशी और छोटा इशारा बड़ी समस्या सुलझा सकता है।

लेखिका- डॉ रीटा अरोड़ा
