HomeBlogमंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! मंंजुल भारद्वाज की कविता – अंत तो मौत है! 14 October 202514 October 2025Pratibimb Media कविता अंत तो मौत है! मंजुल भारद्वाज अंत तो मौत है आओ जी कर देखते हैं ! माना उसके पास सत्ता है,व्यवस्था है उसका हारना कठिन हो पर, आओ ललकार कर देखते हैं ! शरीर भोग है जलकर मिलेगा ख़ाक में आओ चेतना की चिंगारी से दुनिया में उजाला करते हैं! Post Views: 128
सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉब्सन और उमर एम याघी को रसायन का नोबेल पुरस्कार सुसुमु कितारगावा, रिचर्ड रॉब्सन और उमर एम याघी को रसायन का नोबेल पुरस्कार स्टॉकहोम। सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉब्सन और उमर…
होलीक्रॉस वीमेंस कॉलेज, अंबिकापुर ने गोद ग्राम मिरगाडांड में कार्यक्रम आयोजित किए होलीक्रॉस वीमेंस कॉलेज, अंबिकापुर ने गोद ग्राम मिरगाडांड में कार्यक्रम आयोजित किए अंबिकापुर(छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना रजत जयंती के अवसर…
केरल की वामपंथी सरकार की काबिले तारीफ उपलब्धियां केरल की वामपंथी सरकार की काबिले तारीफ उपलब्धियां मुनेश त्यागी पिछले नौ वर्षों में केरल की सरकार ने जन कल्याणकारी…