- आयोग का दावा, दशकों बाद श्रीनगर में 37.93 फीसदी मतदान हुआ
नयी दिल्ली। केंद्रीय चुनाव आयोग के मुताबिक आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में सोमवार को 64 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। पश्चिम बंगाल में 76.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जो इस चरण में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा है।
आयोग के अनुसार तेलंगाना की सभी 17 लोकसभा सीट, आंध्र प्रदेश की 25, उत्तर प्रदेश की 13, बिहार की पांच, झारखंड की चार, मध्य प्रदेश की आठ, महाराष्ट्र की 11, ओडिशा की चार, पश्चिम बंगाल की आठ और जम्मू-कश्मीर की एक सीट पर मतदान हुआ।
जम्मू-कश्मीर से संविधान का अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में पहले लोकसभा चुनाव में श्रीनगर निर्वाचन क्षेत्र में 37.93 प्रतिशत मतदान हुआ। इस मत प्रतिशत को लेकर भी निर्वाचन आयोग ने अपनी पीठ ठोकते हुए कहा कि यह “दशकों में सबसे अधिक मतदान” है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार चौथे चरण में 64.05 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान शाम 6 बजे संपन्न हुआ, लेकिन बड़ी संख्या में मतदाता इसके बाद भी मतदान केंद्रों पर कतार में लगे थे। आयोग का कहना है कि ये “अनंतिम” आंकड़े हैं और इन्हें अद्यतन किया जा रहा है।
आंध्र प्रदेश में 68.20 प्रतिशत, बिहार में 56.75 प्रतिशत, झारखंड में 64.59 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 57.58 प्रतिशत, ओडिशा में 64.81 प्रतिशत, तेलंगाना में 62.28 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 58.05 प्रतिशत मतदान हुआ। मध्य प्रदेश में 71.72 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी मिली है। इससे पहले के तीन चरण में कुल मतदान क्रमशः 66.14 प्रतिशत, 66.71 प्रतिशत और 65.68 प्रतिशत रहा था। चौथे चरण के समापन के साथ ही 23 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 379 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान संपन्न हो चुका है।
इसके अलावा ओडिशा की 28 विधानसभा सीट पर मतदान हो चुका है, वहीं अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम व आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं।
एक वीडियो क्लिप सामने आने के बाद चुनाव अधिकारियों ने तेलंगाना की हैदराबाद लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के माधवी लता के खिलाफ मामला दर्ज किया। वीडियो में वह बुर्का पहने महिला मतदाताओं से कथित तौर पर चेहरा दिखाने के लिए कह रही थीं।
आंध्र प्रदेश में, तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और वाईएसआरसीपी ने पलनाडु, कडप्पा और अन्नामय्या जिलों में एक-दूसरे पर हिंसा के आरोप लगाये।
वाईएसआरसीपी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर प्रतिद्वंद्वी तेदेपा पर वेमुरु, दारसी, इच्छापुरम, कुप्पम, माचेरला, मार्कापुरम, पालकोंडा और पेदाकुरापौडु समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया।
आंध्र प्रदेश की 175 विधानसभा और 25 लोकसभा सीट के लिए एक साथ मतदान हुआ।
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि तेदेपा नेताओं ने वेमुरु निर्वाचन क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों पर कब्जा कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेता और तेनाली से विधायक ए. शिव कुमार ने एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं से बहस होने के बाद एक मतदाता के साथ कथित रूप से हाथापाई की।
इस बीच, तेदेपा विधान पार्षद मोहम्मद अहमद शरीफ ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुकेश कुमार मीणा को पत्र लिखकर पलनाडु जिले के रेंतीचिंतला मंडल के रेंताला गांव में वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं द्वारा तेदेपा समर्थकों पर कथित रूप से हमले किये जाने की शिकायत की।
वाईएसआरसीपी ने एक बयान में कहा कि टीडीपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता नंदीगाम सुरेश के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसमें आगे आरोप लगाया गया कि टीडीपी समर्थकों ने दारसी निर्वाचन क्षेत्र के अरावलीपाडु में पार्टी सदस्य बी अंजी रेड्डी पर हमला किया, जिससे उनके सिर में चोट लग गई।
तेदेपा प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि “राज्य में लोगों के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए कोई शांतिपूर्ण माहौल नहीं है।”
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण पश्चिम बंगाल के आठ संसदीय क्षेत्रों में हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आईं। बीरभूम और बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीटों के तहत विभिन्न इलाकों में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई।
निर्वाचन आयोग ने कहा कि अपराह्न एक बजे तक ईवीएम खराब होने और बूथों में प्रवेश करने वाले एजेंटों को रोके जाने की लगभग 1,700 शिकायतें दर्ज की गईं।
पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता दिलीप घोष की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के दो सुरक्षाकर्मी बर्धमान में पथराव की घटना में घायल हो गए। सीआईएसएफ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि घोष को सुरक्षित निकाल लिया गया।
सीआईएसएफ ने कहा, “बर्धमान (पश्चिम बंगाल) में कुछ उपद्रवियों द्वारा सीआईएसएफ एसएसजी सुरक्षाकर्मी पर पथराव और उनके वाहन पर हमले की घटना हुई, जिसमें दो सीआईएसएफ कर्मियों को सिर में चोटें आईं। सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति (घोष) को बिना बल प्रयोग के सुरक्षित निकाल लिया गया”
घोष (59) केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के वीआईपी सुरक्षा विंग विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) की ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति हैं।
घोष ने पत्रकारों से कहा, “पुलिस सिर्फ मूकदर्शक बनी रही। टीएमसी ने आतंक का राज कायम कर रखा है। सुबह टीएमसी के गुंडों ने हमारे पोलिंग एजेंटों को पीटा और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव नहीं होने दिया।”
कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र के छपरा इलाके में भी तनाव व्याप्त हो गया जब कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी। भाजपा प्रत्याशी अमृता राय दो घायलों के साथ छपरा थाने पहुंचीं। टीएमसी ने आरोपों से इनकार किया है।
सूत्रों ने बताया कि टीएमसी, भाजपा और कांग्रेस-माकपा गठबंधन ने मतदान के पहले कुछ घंटों में चुनावी हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनाव एजेंटों पर हमले की अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं।
उत्तर प्रदेश में सड़कों और विकास कार्यों के अभाव को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए शाहजहांपुर के कुछ गांवों में लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया।
ओडिशा में भी कई जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी की खबरें आईं। एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 65 बैलट यूनिट (बीयू), 83 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 110 वीवीपैट को बदला गया है। अधिकतर यूनिट को सुबह सात बजे वास्तविक मतदान से पहले, अभ्यास के दौरान ही बदल दिया गया।
पड़ोसी राज्य झारखंड में माओवादियों ने एक पेड़ गिराकर पश्चिमी सिंहभूम जिले के सुदूर सोनापी और मोरंगपोंगा इलाकों की ओर जाने वाली सड़क को अवरुद्ध कर मतदान केंद्रों तक मतदाताओं की पहुंच को बाधित करने का प्रयास किया, जिसे सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया।
जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर लोकसभा सीट पर मतदान शांतिपूर्ण रहा, जहां अब्दुल्ला परिवार की तीन पीढ़ियों ने वोट डाला।