चित्र : एक मानव जाति!
क्या युद्ध की खबरें ही इस समय सबसे बड़ी खबरें हैं?
शंभुनाथ
क्या युद्ध की खबरें ही इस समय सबसे बड़ी खबरें हैं? नहीं, आज युद्ध से भी बड़ी खबर यह है कि अमेरिका सहित पूरे विश्व के आम लोगों में युद्ध के विरुद्ध आधुनिक मानवता की भावनाएं फिर सुलग रही हैं। दुनिया में ट्रम्प की लोकप्रियता का तेजी से ह्रास हो रहा है!
क्या दुनिया की तबाही ही अंतिम नियति है? क्या खुद हमारे देश में बढ़ी सांस्कृतिक घृणा ही अंतिम सत्य है? नहीं, हर बुराई का एक आखिरी दिन है! मानवता षड्यंत्र करके बेहोश की जाती रही है, पर वह अपनी ऐतिहासिक शक्तियां लेकर बार–बार जागी है!
सत्ता की दुनिया जितनी पागल होती जाएगी, मनुष्य की गरिमा, स्वतंत्रता, तर्क और जनाधिकारों की जरूरत उतनी ज्यादा महसूस होने लगेगी। आज विश्व जब युद्धों, परमाणु हथियारों, आर्थिक असमानताओं और सांस्कृतिक संघर्षों से घिरा है, लोग नए आयामों के साथ आधुनिक मानवताबोध की ओर फिर तेजी से बढ़ रहे हैं।
निश्चय ही ट्रंप की दादागीरी का विश्वव्यापी नकार केवल ट्रंप के नकार तक सीमित नहीं रहेगा, यह हर देश में हर घृणा के नकार तक विस्तृत होता जायेगा।
दुनिया में धीरे– धीरे आज की खौफनाक स्थितियों से असंतोष बढ़ता जा रहा है। वस्तुतः सदियों के संघर्ष और त्याग से अर्जित आधुनिक मानवताबोध को इतिहास से अंतिम रूप से मिटाया नहीं जा सकता। वह पुनर्जागरत हो रहा है! लोग भीतर से उबल रहे हैं, उन्हें सभ्यता का पतन मंजूर नहीं है! उन्हें रक्तपात और राख से इंकार है। वे दुनिया में शांति, मानवाधिकार और लोकतंत्र चाहते हैं।
आधुनिक मानवताबोध हमें दूसरे मनुष्य के दुख को अपना दुख बनाना सिखाता है। वह आत्मालोचना के लिए प्रेरित करता है। इससे ही दुनिया में फिर नई बौद्धिक लहरें जन्मेंगी।
आधुनिकता की एक बड़ी शक्ति यह है कि वह अपने ही दोषों की आलोचना करती है। यही शक्ति अब युद्ध, घृणा और हिंसा की आलोचना के लिए प्रेरित कर रही है।
दरअसल दुनिया के इतिहास में मानवताबोध बार–बार दबाया जाकर भी बार–बार सुलगा है। इसने इतिहास के हर मोड़ पर हमें मनुष्य की गरिमा और अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया है। वह आज की चरम अमानवीय स्थितियों में एक बार फिर वैश्विक सहानुभूति और शांति की कामनाओं को जीवित कर रहा है।
आधुनिक मानवता का पुनर्जागरण एक नैतिक प्रकाश की तरह है, जब दुनिया के कुछ बड़े नेता युद्ध और घृणा के पागलपन से भर गए हैं। शंभुनाथ के फेसबुक वॉल से साभार
