ओपीएस की बहाली न होने संबंधी वित्त मंत्री के बयान से कर्मचारी नाराज

ओपीएस की बहाली न होने संबंधी वित्त मंत्री के बयान से कर्मचारी नाराज

मंजीत सिंह पटेल ने पूछा, सांसदों, विधायकों, जजों को पेंशन क्यों दी जा रही

चंडीगढ़। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लोक सभा में पुरानी पेंशन बहाली (ओपीएस) संभव न होने संबंधी बयान पर पुरानी पेंशन की मांग कर रहे कर्मचारियों ने गहरी नाराजगी जताई है। पुरानी पेंशन की बहाली की मांग कर रहे कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने सवाल किया  है कि अगर कर्मचारियों के लिए ओपीएस की वापसी संभव नहीं है तो सांसदों, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों को पेंशन क्यों दी जा रही है। उन्होंने पूछा कि क्या इन लोगों को ओआरओपी (OROP) के आधार पर पेंशन की गारंटी दे दी आपने?

सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि पुरानी पेंशन की बहाली का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। यह सुनते ही कर्मचारियों में गुस्सा फैल गया। यह स्वाभाविक भी है। केंद्र और राज्यों के सरकारी कर्मचारी पुरानी पेशन की बहाली के लिए आंदोलनरत हैं। इस संबंध में मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि – ‘माननीय वित्त मंत्री जी, आज आपने फिर संसद में कहा है कि #OPS की वापसी संभव नहीं तो क्या उन सभी 30, 35 साल सेवा करने वाले उन कर्मचारियों को इसी हाल में छोड़ दिया जाए जिन्हें केवल हजार बारह सौ रुपयों की पेंशन मिल रही है। फिर सांसदों को भी पेंशन क्यों दी जा रही है। फिर क्यों हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों को भी OROP के आधार पर पेंशन की गारंटी दे दी आपने?

उन्होंने लिखा कि सेवाकाल में डेथ या डिसेबिलिटी होने पर अगर OPS दी जा सकती है तो रिटायरमेंट पर क्यों नहीं?