रागनी
किस्सा सुभाष चंद्र बोस- वार्ता:11
डॉ रणबीर सिंह दहिया
अपने वक्तव्य में कर्नल हबीबुर्रहमान ने बताया” विमान बहुत ऊपर नहीं गया था और अभी एयरफील्ड सीमा के अंदर ही था कि मुझे विमान के सामने के हिस्से से धमाके की आवाज सुनाई दी । बाद में पता चला कि विमान का एक प्रोपेलर टूट कर नीचे गिर गया था। जैसे ही विमान नीचे गिरा उसके अगले और पिछले हिस्से में आग लग गई थी।
क्या बताया भला :–
बोस भुंडी ढालां जलग्या था फेर कति कराहया कोन्या रै।।
सैगोन तैं आगै जाण नै बोस नै विमान थ्याया कोन्या रै।।
1
बम्बवर्षक विमान जापानी मैं जगहां मिल पाई
हवाई अड्डे पै छोड़ण आये जयहिंद तैं ली विदाई
तेजी तैं चढ़या विमान पै पाछे नै लखाया कोण्या रै।।
सैगोन तैं आगै जाण नै बोस नै विमान थ्याया कोन्या रै।।
2
कर्नल हबीबुर्रहमान भी पीछै पीछै चढ़े विमान मैं
पायलेट के ठीक पाछै सुभाष बोस बैठे विमान मैं
दोनों जमीन पै बैठे कोएसा घबराया कोण्या रै।।
सैगोन तैं आगै जाण नै बोस नै विमान थ्याया कोन्या रै।।
3
आस पास साहमी पैट्रोल के जरीकेन धरे थे भाई
बिना सीट बैठे दोनूं फेर भी जमा ना डरे
थे भाई
धमाका हुया जोरका किसे कै समझ आया कोण्या रै।।
सैगोन तैं आगै जाण नै बोस नै विमान थ्याया कोन्या रै।।
4
रहमान नै देख्या बोस के कपडयां मैं आग लागरी
बुशर्ट काढया हाँगा लाकै रणबीर सांस तेज भागरी
बोस बोल्या बचूं नहीं हबीब आंसू रोक पाया कोण्या रै।।
सैगोन तैं आगै जाण नै बोस नै विमान थ्याया कोन्या रै।।
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लेखक – डॉ रणबीर सिंह दहिया
