Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत मंजुल भारद्वाज की कविता – नाख़ून वाले मंजुल भारद्वाज सभी प्राणियों की भांति मनुष्य भी नाख़ून लिए पैदा होता है नाख़ून शस्त्र है प्रतिरक्षा में दबोचने में … Pratibimb Media29 November 202429 November 2024
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत ओमप्रकाश तिवारी की दो लघु कथाएं विरोध ———– दिन के 11 बज रहे थे। शहर के एक चौक पर एक आदमी सूरज की ओर… Pratibimb Media28 November 20241 December 2024
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत दीपक वोहरा की 16 कविताएं 1.तुम कुछ नहीं बोले देश बिक गया सब कुछ लुट गया तुम कुछ नहीं बोले घर का एक हिस्सा जल… Pratibimb Media28 November 202428 November 2024
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत सच्चे क्रांतिकारी कहलायेंगे मुनेश त्यागी किसानों मजदूरों के राज के गीत जो कोई भी खुलकर गायेंगे, कोई भी… Pratibimb Media13 November 202413 November 2024
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा उर्दू है मिरा नाम मैं हूँ ख़ुसरव की पहेली ऊर्दू दिवस की दिली मुबारकबाद — इकबाल अशहर उर्दू है मिरा नाम मैं हूँ ख़ुसरव की पहेली मैं… Pratibimb Media11 November 2024
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत ओम प्रकाश तिवारी की पांच कविताएं 1. डर और कुदरत ……… कौन नहीं डरता है अंधेरे से डर को भी डर लगता है अंधेरे से… Pratibimb Media10 November 202411 November 2024
Blogअंतरराष्ट्रीयकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत कार्ल सैंडबर्ग की कुछ और कविताएं दीपक वोहरा द्वारा अनुवाद की हुई कार्ल सैंडवर्ग की कविताएं हम पहले भी प्रतिबिम्ब मीडिया में प्रकाशित कर चुके हैं।… Pratibimb Media9 November 2024
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत देखिए ना, भगवानों का दिया हुआ सब कुछ तो है… मुनेश त्यागी जुल्म है गरीबी है शोषण है अन्याय है। बेबसी है बेकसी है लाचारी है भुखमरी है। … Pratibimb Media7 November 20247 November 2024
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत टी.एस. इलियट की कविताएं कवि और अनुवादक दीपक वोहरा ने अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि टी.एस. इलियट की कविताओं का अनुवाद किया है। उन्होंने केवल… Pratibimb Media28 October 20246 January 2026
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतहरियाणा दीपक वोहरा की कविता इधर झोपड़ी उधर महल है देखो!धन्ना सेठ का कैसा खेल है एक तरफ असंख्य दीये रोशनी की चकाचौंध दूसरी तरफ… Pratibimb Media27 October 202427 October 2024