Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत कभी फुर्सत मिले तो सोचना ! कभी फुर्सत मिले तो सोचना ! -मंजुल भारद्वाज तुम स्वयं एक सम्पति हो सम्पदा हो इस पितृसत्तात्मक व्यवस्था में… Pratibimb Media10 August 202510 August 2025
Blogगीत ग़ज़ल महेश कटारे का गीत- किसान महिला का राखी गीत किसान महिला का राखी गीत महेश कटारे सुगम बहिना ने राखी के कच्चे धागे भेज दिए पाती में लिख… Pratibimb Media10 August 202510 August 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसमय/समाज मंजुल भारद्वाज की कविता – हे पुरुष ! हे पुरुष ! मंजुल भारद्वाज हे मूंछों पर ताव देने से पहले सोचो तुम कौन हो? तुम्हारे पास क्या है?… Pratibimb Media9 August 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत नूर मोहम्मद नूर की कविता- आओ हम सब मिलकर लिखें आओ हम सब मिलकर लिखें नूर मोहम्मद नूर आओ, हम सब मिलकर लिखें, कोई नई किताब पाई पाई लेना… Pratibimb Media8 August 20258 August 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतविरासत सरला माहेश्वरी की कविता – मैं सरकार ! अगस्त क्रांति पर विशेष देश के जनतंत्र का अपहरण करने वाली सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक़ नहीं… Pratibimb Media8 August 20258 August 2025
Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षाहरियाणा जयपाल की कविता ‘एक बच्ची जिसे खूंखार डाकू कहा गया’ का एक दार्शनिक, भाषिक और वैचारिक विवेचन प्रतिबिम्ब मीडिया में 7 अगस्त 2025 को वरिष्ठ कवि चिंतक जयपाल की ‘एक बच्ची जिसे खूंखार डाकू कहा गया’ शीर्षक… Pratibimb Media8 August 20258 August 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत रेमण्ड नैट टर्नर की कविता – इकबालिया बयान कविता इकबालिया बयान रेमण्ड नैट टर्नर “जब खरीद और बिक्री कानून द्वारा नियंत्रित होने लगती है, तो सबसे पहले खरीदे… Pratibimb Media8 August 20258 August 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतहरियाणा जयपाल की कविता – एक बच्ची जिसे खूंखार डाकू कहा गया कविता एक बच्ची जिसे खूंखार डाकू कहा गया जयपाल एक थी फूलन लोकतंत्र का बियाबान-जंगल संविधान की बीहड़-घाटियां सामंतवाद के… Pratibimb Media8 August 20258 August 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतहरियाणा हरभगवान चावला की कहानी- तीस हज़ार की पोशाक कहानी तीस हज़ार की पोशाक – हरभगवान चावला शादी का निमंत्रण-पत्र तो आया ही था, शादी से दो दिन पहले… Pratibimb Media7 August 20257 August 2025
Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतमीडिया/अखबार/ चैनल /डिजिटल एक त्रिकोणीय प्रेमकथा एक त्रिकोणीय प्रेमकथा विजय शंकर पांडेय खबरें पहले आती थीं, अब बिकती हैं। जो ज़रूरी है, वो साइलेंट है।… Pratibimb Media7 August 20257 August 2025