Blogसमय/समाजसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

मैं बरबाद होना चाहती हूं – स्त्रियों के लिए यातना का जाना पहचाना अनुभव

मल्लिका अमर शेख की पुस्तक की समीक्षा मैं बरबाद होना चाहती हूं – स्त्रियों के लिए यातना का जाना पहचाना…

Blogअंतरराष्ट्रीयअपराधसमय/समाज

वाशिंगटन से दिल्ली तक, एपस्टीन का साया

वाशिंगटन से दिल्ली तक, एपस्टीन का साया   बृंदा करात एपस्टीन केस से मिले डॉक्यूमेंट्स ने एक आदमी की बुराई…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसमय/समाज

डॉ. प्रियंका सौरभ की कविता- तरक़्क़ी किसके नाम?

कविता तरक़्क़ी किसके नाम? डॉ. प्रियंका सौरभ   भूख हर एक शाम तक पहुँची, पर न रोटी ही थाल तक…

Blogआलेख विचारराष्ट्रीयशिक्षा

रोबोडॉग से परे: भारतीय उच्च शिक्षा का खोखलापन

रोबोडॉग से परे: भारतीय उच्च शिक्षा का खोखलापन   प्रमाणन की होड़ में दम तोड़ती अकादमिक गुणवत्ता    डॉ. प्रियंका…

Blogअंतरराष्ट्रीयआलेख विचारसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्ट

तीसरा क्षेत्र (थर्ड सेक्टर):पूंजीवाद के एक सुरक्षा-कवच के रूप में

गैर-सरकारी स्वयंसेवी संगठनों और दाता एजेंसियों का असली चरित्र तीसरा क्षेत्र (थर्ड सेक्टर):पूंजीवाद के एक सुरक्षा-कवच के रूप में जोन…

Blogअंतरराष्ट्रीयमीडिया/अखबार/ चैनल /डिजिटलविज्ञान / तकनीकव्यंग्यशिक्षा

ज्ञान से ज्यादा “घोषणा” में पीएचडी

बात बेबात ज्ञान से ज्यादा “घोषणा” में पीएचडी विजय शंकर पांडेय   विश्व गुरु बनने की दौड़ में हमारी उच्च…