बिहार: राजग की आंधी में उड़ा महागठबंधन, मोदी और नीतीश ने की तारीफ

बिहार: राजग की आंधी में उड़ा महागठबंधन, मोदी और नीतीश ने की तारीफ

आरजेडी को पिछली बार के मुकाबले मात्र एक तिहाई सीट

भाजपा 89सीट जीत कर सबसे बड़ी पार्टी, जदयू को 85 सीट जीतकर दूसरे नंबर पर

पटना/नयी दिल्ली।  बिहार में सत्तारूढ़ राजग ने शुक्रवार को महागठबंधन को करारी शिकस्त देकर सत्ता बरकरार रखी। इस जीत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अपील को पुष्ट किया तथा कांग्रेस और सहयोगी राजद को करारा झटका दिया।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की शानदार जीत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके दो मुख्य घटक दलों – भाजपा और जदयू – ने 101-101 सीट पर लगभग 85 प्रतिशत का ‘स्ट्राइक रेट’ हासिल किया। इस गठबंधन ने ‘200 पार’ की जीत हासिल की और तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया, जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

प्रधानमंत्री मोदी ने शाम को दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं का गमछा लहराकर अभिवादन स्वीकार करने के बाद उनसे कहा, ‘‘बिहार की जनता ने इस भारी जीत और अपने अटूट आत्मविश्वास के साथ गर्दा उड़ा दिया।’’

बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा निर्वाचन आयोग के अनुसार, भाजपा 89 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उसकी सहयोगी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू ने 85 सीट जीती हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19 सीट मिली हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाले हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने पांच सीट जीतीं, जबकि उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने चार सीट जीतीं।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, और राज्य मंत्री प्रेम कुमार, महेश्वर हजारी और संजय सरावगी, और भाजपा की मैथिली ठाकुर राजग खेमे से प्रमुख विजेताओं में शामिल हैं।

राजद नेता और ‘इंडिया’ गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव, दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शाहाब और भाकपा (माले) लिबरेशन के संदीप सौरव विपक्षी खेमे से प्रमुख विजेताओं में शामिल हैं।

तेजस्वी यादव ने राघोपुर सीट से भाजपा के सतीश कुमार को 14,532 मतों के अंतर से हराया।

‘इंडिया’ गठबंधन को केवल 34 सीट मिलीं। राजद को 25 सीट मिलीं, जबकि कांग्रेस को छह, भाकपा (माले) लिबरेशन को दो और माकपा को एक सीट मिली।

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम ने पांच सीट जीतीं, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी को एक-एक सीट मिली।

भाजपा और जदयू ने 101-101 सीट पर चुनाव लड़ा था, जबकि उनकी सहयोगी लोजपा (रालोद) ने 28 सीट पर उम्मीदवार खड़े किए थे।

‘इंडिया’ गठबंधन में, राजद ने 141 सीट पर चुनाव लड़ा, जबकि कांग्रेस ने 61 और भाकपा(माले) लिबरेशन ने 20 सीट पर चुनाव लड़ा।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सीट संख्या 75 से घटकर 25 हो गई। कांग्रेस ने 61 सीट पर चुनाव लड़ा, जिनमें से उसे केवल छह सीट पर जीत मिली, जो उसे पिछली बार मिली 19 सीट से काफी कम हैं।

राजग की प्रचंड जीत की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसने एक नया ‘एमवाई – महिला और युवा’ फॉर्मूला दिया है, जिससे जनता ने ‘जंगलराज के लोगों के सांप्रदायिक एमवाई फॉर्मूले’ को ध्वस्त कर दिया है।

राजद के मुस्लिम-यादव समर्थन आधार का स्पष्ट रूप से उल्लेख करते हुए, मोदी ने कहा कि बिहार में कुछ दलों ने ‘एमवाई फॉर्मूला’ तैयार किया था, लेकिन आज की जीत ने एक नया ‘सकारात्मक एमवाई – महिला और युवा’ फॉर्मूला दिया है।

बिहार चुनाव में ‘एक्स फैक्टर’ कही जा रही प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) बुरी तरह हार गई। जेएसपी के उम्मीदवार तीन सीट को छोड़कर बाकी सभी पर मैदान में थे।

पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार द्वारा गठित यह पार्टी, बेरोजगारी, पलायन और उद्योगों की कमी जैसे ज्वलंत मुद्दों को ज़ोरदार तरीके से उठाने और ज़ोरदार प्रचार के बावजूद, अपने पक्ष में वोट जुटाने में नाकाम रही।