तर्कशील सोसायटी हरियाणा की द्विमासिक बैठक एवं सेमिनार सम्पन्न

तर्कशील सोसायटी हरियाणा की द्विमासिक बैठक एवं सेमिनार सम्पन

यमुनानगर : तर्कशील सोसायटी हरियाणा की द्विमासिक मीटिंग को इस बार मास्टर बलवंत सिंह एवं आर.पी.गांधी की स्मृति को समर्पित किया गया। इस अवसर पर एक सेमिनार का आयोजन भी किया गया जिसमें स्थानीय इकाई के सदस्यों के अतिरिक्त राज्य भर से सौ से भी ज्यादा तर्कशील कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों ने भाग लिया।

इस सेमिनार का आयोजन यमुनानगर इकाई द्वारा किया गया था । मंच संचालन यमुनानगर इकाई के सचिव राजेश बिंद्रा ने किया एवं आने वाले सदस्यों का स्वागत किया।कार्यक्रम के प्रारम्भ में तर्कशील-पथ पत्रिका के संपादक गुरमीत अंबाला ने अपने वक्तव्य में स्मृति शेष साथियों श्री आर पी गांधी एवं मास्टर बलवंत सिंह के योगदान को रेखांकित किया कि दोनों साथियों ने तर्कशील आंदोलन को राज्य में खड़े करने में अहम भूमिका निभाई।

जनवादी लेखक संघ के राज्य-अध्यक्ष मास्टर जयपाल ने नरेन्द्र दाभोलकर ,कलबुर्गी , पानसरे और गौरी ल॔केश की शहादत को याद करते हुए तर्कशील आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया उन्होंने अंध विश्वास के खिलाफ अपनी कविताओं का पाठ भी किया।

 

तर्कशील कार्यकर्ता एवं किसान नेता रामेश्वर आजाद ने तर्कशील आंदोलन के सामने चुनौतियों पर अपनी बात रखी। संजीव वालिया का कहना था कि तर्कशीलता के फैलाव के लिए हर स्तर पर कार्यक्रम रखे जाने चाहिए। मीडिया प्रभारी मोनिका डूमरा ने कहा कि वह तर्कशील सोसायटी के माध्यम से ही स्वयं को अंधविश्वासों बाहर निकाल सकी ।

कार्यक्रम के आज के अध्यक्ष और मुख्य वक्ता बलबीर सिंह एडवोकेट ने अपने संबोधन में तर्कशील के विशाल दायरे की बात की । उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि जीवन के प्रत्येक कदम पर तर्कशीलता को अपना कर हम बेहतर जीवन जी सकते हैं। उनका कहना था कि तर्कशीलता का अर्थ केवल ईश्वर के अस्तित्व पर सवाल उठाना नहीं है बल्कि हर अवैज्ञानिक/अतार्किक बात का विरोध करना है और यह सिद्ध करना है कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है l सभी इंसान बराबर हैं।

 

जनवादी लेखक संघ अंबाला इकाई की अध्यक्ष अनुपम शर्मा ने कहा कि महिलाओं का तर्कशील होना बहुत जरूरी है क्योंकि वही बच्चों की परवरिश करती है और उन्हें वैज्ञानिक सोच दे सकती है। उन्होंने महिलाओं के उत्थान से सम्बन्धित एक कविता भी सुनाई।

सुभाष तितरम ने अपनी बात रखी और पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई l फरियाद सिंह और राम प्रसाद ने बाबाओं के द्वारा चमत्कारों के नाम पर बेवकूफ बना कर शोषण करने वाले ट्रिक्स का पर्दाफाश करते हुए बताया कि चमत्कार नाम की कोई चीज़ नहीं होती बल्कि सब चमत्कारों के पीछे वैज्ञानिक कारण होता है। जींद इकाई ने कामरेड बलबीर सिंह को सम्मानित भी किया गया।
कामरेड सतपाल कालड़ा ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम में पर्चों का वितरण किया ।
इस राज्य स्तरीय सेमिनार के आयोजन में यमुनानगर इकाई के अनुपम सिंह,जसवंत सिंह,राजेश बिंद्रा,बलबीर सिंह एडवोकेट ,रजनीश गुप्ता,लक्ष्मण विनायक,संजीव वालिया,सुमीतपाल सिंह,डाक्टर रविन्द्र गिल,हरीराम शर्मा ,राम वर्मा,राम कुमार, मास्टर शिवदयाल सिंह आदि ने सहयोग किया।

रिपोर्ट: गुरमीत अंबाला

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