Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

राजनीति के आगे साहित्य की मशाल जलाने वाले उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद

31 जुलाई की तिथि को हिंदुस्तान के इतिहास में बहुत आदर प्राप्त है। इस दिन देश के दो सपूतों के…

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ओमप्रकाश तिवारी की कविता -तानाशाही

तानाशाही ओमप्रकाश तिवारी वो आएगी सजधज कर मुस्कुराते हुए रक्ताभ होंगे उसके होंठ जनमत के दरवाजे से प्रवेश करते समय…

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नासिरा शर्मा की कविता- चलो चलते हैं गाजा…

गाजा में जो कुछ हो रहा है वह बहुत ही दर्दनाक है। समाचारों में रोजाना मरने वालों की संख्या पढ़ते-पढ़ते…