Blogआपदाहिमाचल प्रदेश

हिमाचल में प्रकृति बीमार

हिमाचल में प्रकृति बीमार कुलभूषण उपमन्यु हिमाचल को लेकर माननीय न्यायाधीश पार्दिवाला की टिपण्णी सामयिक और सटीक दिखाई पड़ रही…

Blogसाहित्यिक रिपोर्ट /संगोष्ठी

 एकबार  फिर  जोखिम के इलाके में अरुंधति रॉय

लेखक का वक्तव्य: अरुंधति रॉय को लेकर हिंदी के कुछ ‘राष्ट्रवादी‘  बौद्धिक एक बार फ़िर हमलावर मुद्रा में निराधार प्रलाप…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

मंजुल भारद्वाज की कविता – भारत में आज शिक्षक होते तो?

भारत में आज शिक्षक होते तो? – मंजुल भारद्वाज प्रेम, भाईचारा, सौहार्द किताबों में न सिसकते संविधान में दिए मौलिक…

Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

लकड़बग्घा : एक सामयिक प्रतीक और नैतिक दस्तावेज़

बेबाक बोल जयपाल की कविता पर एक टिप्पणी लकड़बग्घा : एक सामयिक प्रतीक और नैतिक दस्तावेज़ एस.पी. सिंह जयपाल की…