लघुकथा
कमेंट्स
अनीश
गाँव की गली में एक वीडियो सबके मोबाइल पर घूम रहा था—एक लड़की किसी लड़के के साथ हँसते हुए दिख रही थी। वीडियो के नीचे धड़ाधड़ कमैंट्स फ्लैश हो रहे थे—“आजकल की लड़कियाँ…”, “चरित्र देखो इसका…”, “घर वालों को शर्म नहीं आती…”। वीडियो से तेज़ लोगों की उँगलियाँ थीं। घर के भीतर पिता मोबाइल थामे चुप बैठे थे, माँ की आँखें सूख गई थीं। रात को लड़की ने धीरे से कहा—“पापा, वो मेरा कॉलेज प्रोजेक्ट था… हम सब साथ थे।” पिता कुछ देर चुप रहे, फिर उन्होंने मोबाइल बंद कर दिया और बेटी को गले से लगा लिया। उधर कमेंट्स अब भी आते जा रहे थे…
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