विजय शंकर पांडेय का व्यंग्य – क्या हंसने पर भी ‘लाफ्टर टैक्स’ देना पड़ेगा?

क्या हंसने पर भी “लाफ्टर टैक्स” देना पड़ेगा?

विजय शंकर पांडेय

दुनिया में अगर कोई शख्स टैरिफ लगाने की कला में माहिर है, तो वो हैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। जब उन्हें लगा कि चीन, भारत, यूरोप और बाकी देशों पर टैरिफ लगाकर भी अमेरिका का खजाना नहीं भर रहा, तो उन्होंने एक गजब आइडिया सोचा—जहां कोई नहीं रहता, वहां भी टैरिफ लगाया जाए !

टैरिफ प्लान का ट्रंप कार्ड

ये हुई न बात। दो अप्रैल अमेरिका के लिए मुक्ति दिवस है। ऐसा दावा है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का। घबराए अमेरिकी नागरिक अब अपने सपनों पर भी टैक्स लगने की आशंका जता रहे हैं। ट्रंप समर्थकों इसे ‘देशभक्ति टैरिफ’ बताया है। अगर सूरज की रोशनी मुफ्त में मिल रही है, तो यह अमेरिका का अहसान है! ट्रंप के टैरिफ लगाने के जुनून ने सारी हदें पार कर दीं है! जल्द ही चंद्रमा के गड्ढों, मंगल की धूल और यहां तक कि ब्लैक होल पर भी टैरिफ लग सकता है। हो सकता है अमेज़न जंगल की हवा पर भी 10% शुल्क लगे। ताकि अमेरिका की हवा सबसे सस्ती बनी रहे। उधर, एलियंस ने पृथ्वी पर आने से मना कर दिया है। अब उन्हें वीज़ा के साथ ‘स्पेस एंट्री टैरिफ’ भी भरना पड़ सकता है।

चंद्रमा पर इम्पोर्ट ड्यूटी

कयास लगाया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ने सबसे पहले चंद्रमा पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया। उनका तर्क था—’ हमारे एस्ट्रोनॉट्स वहां सबसे पहले गए थे, तो उसका असली मालिक अमेरिका ही है! ‘ नासा को अब अपने ही चंद्रमा मिशन पर 20% आयात शुल्क देना होगा। स्पेसएक्स के एलन मस्क ने इस पर आपत्ति जताई, तो ट्रंप ने झट से एक और फरमान जारी कर दिया—’स्पेसएक्स को मंगल ग्रह पर उतरने से पहले ‘लैंडिंग परमिट फीस’ चुकानी होगी! ‘

सपनों पर भी टैक्स!

जब धरती और अंतरिक्ष पर टैरिफ लगा दिया गया, तो ट्रंप ने एक नया क्षेत्र खोज निकाला—’सपने! ‘ अब अमेरिकी नागरिकों को रात में देखे गए हर सपने पर 5% टैक्स देना होगा। ट्रंप के मुताबिक, ‘अगर कोई अमेरिका में सपना देख रहा है, तो उसका फायदा भी अमेरिका को ही मिलना चाहिए! ‘ इस नई नीति का विरोध करने वालों को ट्रंप समर्थकों ने देशद्रोही करार दे दिया।

भूत-प्रेतों पर टैक्स

अमेरिका के पुराने खंडहरों और सुनसान घरों में भूतों की मौजूदगी पर भी ट्रंप सरकार की नजर पड़ी। तुरंत एक नया कानून बना—’घोस्ट एक्साइज ड्यूटी! ‘ अब हर आत्मा को अपने अस्तित्व के लिए सालाना लाइसेंस लेना होगा। विरोध करने पर ट्रंप समर्थकों ने कहा, ‘जो आत्माएं अमेरिका में बिना परमिट रह रही हैं, उन्हें डिपोर्ट कर देना चाहिए! ‘

ब्लैक होल पर भी टैरिफ

ट्रंप ने जब सुना कि ब्लैक होल कुछ भी निगल सकता है, तो उन्होंने तुरंत ‘ब्लैक होल एनर्जी टैक्स’ लागू कर दिया। नासा के वैज्ञानिकों ने समझाने की कोशिश की कि ब्लैक होल पर टैक्स लगाना संभव नहीं, तो ट्रंप ने नाराज होकर ट्वीट कर दिया—’फेक साइंस! हमें असली अमेरिकी गणित चाहिए! ‘

टैरिफ-युग का आगमन!

अब दुनिया सांस रोके इंतजार कर रही है कि ट्रंप अगला टैरिफ कहां लगाएंगे। क्या हवा पर टैक्स लगेगा? क्या समुद्री लहरों से भी शुल्क वसूला जाएगा? क्या हंसने पर भी ‘लाफ्टर टैक्स’ देना पड़ेगा? ट्रंप समर्थकों का कहना है, ‘अगर सूरज की रोशनी मुफ्त में मिल रही है, तो यह अमेरिका की कमजोरी है! ‘ अब देखना यह है कि अगला चुनाव जीतने के बाद ट्रंप ‘ऑक्सीजन इम्पोर्ट टैक्स’ भी लागू करते हैं या नहीं!

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