जयपाल की दो कविताएं
1
रसद
युद्ध के बाद
एक सैनिक-शिविर में रसद भेजी गई
कुछ दवाईयां, कुछ कपड़े
कुछ खाने-पीने का सामान
कुछ बाकी चीजें जो जरूरी थी
बाकी चीजों में
कुछ औरतें थीं
कुछ बच्चियां
2
रोटी बनाम कविता
आग ना हो
ना रोटी पकती है ना कविता
पानी ना हो
ना आटा भीगता है ना कविता
नज़र साफ ना हो
ना रोटी बचती है ना कविता
आग, पानी और नज़र
तीनों रचते हैं
एक कविता सी रोटी
एक रोटी सी कविता
