जलेस ने मनोज रूपड़ा से दुर्व्यवहार की निंदा की
साहित्य अकादमी नई दिल्ली और गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कहानी केंद्रित एकदिवसीय सेमिनार में कुलपति ने जिस तरह से प्रख्यात कहानीकार मनोज रूपड़ा के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें सभागार से बाहर जाने के लिए कहा, वह अत्यंत निंदनीय है। दरअसल ‘नो एजुकेशन पॉलिसी’ के दौर में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पूरी तरह से खत्म हो गई है। कुलपति का पद इतना गरिमाहीन पहले कभी नहीं हुआ था। कैसे लोग इस समय कुलपति नियुक्त किए जा रहे हैं, वह गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति आलोक कुमार चक्रवाल के व्यवहार से समझा जा सकता है।
बिलासपुर में कहानीकार मनोज रूपड़ा के साथ किए गए दुर्व्यवहार की जनवादी लेखक संघ तीव्र भर्त्सना करता है और माँग करता है कि कुलपति आलोक कुमार चक्रवाल अपने कृत्य के लिए तुरंत माफी माँगें।
