2026 के बजट पर एक रागनी
डॉ रणबीर सिंह दहिया
*बजट गरीब जन का कैहकै नै ये सारे जन आज भकाए ।।*
*असल सच्चाई कुछ और कहती झूठे सब्ज बाग दिखाए।।*
1
पूरी तरियां छब्बीस का बजट जन विरोधी आज ल्याये
संघ विरोधी राज्य विरोधी बजट ल्याये संसद मैं बताये
*कारोबारी घरानों अर अमीरों के राह ऊपर फूल बिछाए।।*
2
अमीरों के संकीर्ण हितों को पूरे बजट मैं दिया सै बढ़ावा
समाज के सामाजिक रूप तैं पिछड़े वर्गों ताहिं सै छलावा
*गरीबों के आर्थिक हितों पै हमले शब्द जाल मैं छिपाए।।*
3
गरीब के पेट भरण के ज़रूरी खर्च मैं करी घणी कटौती रै
राजकोषीय अनुशासन के नाम पै दी अमीरों को
फिरौती रै
*बजट राजस्व में घणी कमी कर अमीरों के फूल खिलाए।।*
4
ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य खर्च इनके घटा दिए
सामाजिक कल्याण के खर्च मैं एक औड़नै बिठा दिए
*कृषि क्षेत्र पै भी बजट मैं रणबीर तीर कसूते सैं चलाए।।*
