ओमप्रकाश तिवारी की तीन कविताएं

ओमप्रकाश तिवारी की तीन कविताएं

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कविता- 1

 

शोक और

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शाम उदास लगे

और रात भयानक

धूप धुंधली लगे

दिन में बोले सियार

स्वादिष्ट न लगे भोजन

नींद खिड़की देखने लगे

तब यकीन मान लो

किसी उन्माद में

जरूर रही होगी

तुम्हारी सहभागिता।

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कविता- 2

 

उन्माद और युद्ध

 

उन्माद देता है

पहले अवसाद

फिर फेंकता है

शोक की चादर

जिसमें लिपटकर

भोकार मारकर

रोता रहता है जोश

धार्मिक कट्टरता

सांस्कृतिक श्रेष्ठता

जातीय अहंकार

क्षेत्रीयता का मोह

पैदा करता है उन्माद

उन्माद से ही

निकलता है युद्ध

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कविता  – 3

 

युद्ध और गिद्ध

 

युद्ध छीन लेता है

जिंदगी के सभी रंग

अपने और पराये भी

खत्म हो जाते हैं

नहीं खत्म होता है युद्ध

जो खोजते हैं

युद्ध में शांति

वे असल में

होते हैं गिद्ध

उन्हें चाहिए

बिना शिकार किये

अपने लिए भोजन।

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