Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

ओमसिंह अशफ़ाक की कविता – बन्दा रिक्शा खींच रहा है!

कविता बन्दा रिक्शा खींच रहा है! ओमसिंह अशफ़ाक   नया-नया किसी गांव से आया! लगता  है  झिझका-शरमाया! ना रहने का…