अब लड़ेंगे लोग मेरे देश के 

अब लड़ेंगे लोग मेरे देश के

 

मुनेश त्यागी

 

शोषण करने वालों से

अन्याय करने वालों से

भेदभाव करने वालों से

छुआछूत करने वालों से

अब लड़ेंगे लोग मेरे देश के।

 

जातिवाद बढाने वालों से

दंगा फसाद कराने वालों से

नफरत हिंसा करने वालों से

सांप्रदायिकता फैलाने वालों से

अब लड़ेंगे लोग मेरे गांव के।

 

वादे नारे तोड़ने वालों से

शिक्षा को छीनने वालों से

अमनचैन छीनने वालों से

बेरोजगारी बढाने वालों से

अब लड़ेंगे लोग मेरे शहर के।

 

दहेज मांगने वालों से

भ्रूण हत्या करने वालों से

बहुओं को जलाने वाले से

तलाक तलाक करने वालों से

अब लड़ेंगे लोग मेरे गांव के।

 

झूठ बोलने वालों से

मक्कारी करने वालों से

छल कपट करने वालों से

धोखाधड़ी करने वालों से

अब लड़ेंगे लोग मेरे शहर के।

 

पाखंड फैलाने वालों से

धर्मांधता फैलाने वालों से

अंधविश्वास फैलाने वालों से

अज्ञानता के दीप जलाने वालों से

अब लड़ेंगे लोग मेरे गांव के।

 

भ्रष्टाचार फैलाने वालों से

हक अधिकार मारने वालों से

भाईचारा खत्म करने वालों से

समता समानता को डसने वालों से

अब लड़ेंगे लोग मेरे देश के।