कविता
भारत के महान बेटों ये क्या तुमको हो गया?
मुनेश त्यागी
बेटी मारी, बहू जलाई
औरत को भी रौंद दिया,
भारत के महान बेटों
ये क्या तुमको हो गया?
हो गया भगवान अंधा
खुदा भी बहरा हो गया,
गोड को अधरंग मारा
देवलोक भी सो गया।
कसमें तो खाई थीं तुमने
साथ जीने मरने की,
दुश्मनी और नफरत के फिर
बीज कौन बो गया?
कहां गई वो ईद-दिवाली
होली मिलन का क्या हुआ?
ढूंढो तो वो प्यार-मोहब्बत
भाईचारा कहां खो गया।
जनतंत्र धनतंत्र में बदला
गणतंत्र को क्या हो गया?
शोषण और अन्याय हैं बढ़ते
वो संविधान कहां खो गया?
नफरत फूंकी, हिंसा बोई
धर्म का कारोबार किया,
होना था हिंदुस्तानी तुझको
तू हिंदू-मुसलमां हो गया।
