शिक्षा देश की पढ़ण बिठाई अपणा व्यापार चलाया रै।।

हरियाणवी रागनीः शिक्षा

शिक्षा देश की पढ़ण बिठाई अपणा व्यापार चलाया रै।।

 

डॉ रणबीर दहिया

 

 

शिक्षा देश की पढ़ण बिठाई अपणा व्यापार चलाया रै।।

गावों शहर के सरकारी स्कूलां का धुम्मा सा ठाया रै।।

1

सरकारी स्कूल के तम्बू पाड़े प्राइवेट स्कूल ल्याए रै

प्राइवेट घनी लूट मचारे शिक्षक जावैं घणे सताए रै

शिक्षा स्तर उड़ै भी माड़ा सै माँ बाप तो दुःख पाये रै

सरकार नै शिक्षा पै खर्च घटा जनता कै सांस चढ़ाये रै

खराबी के सैं टीचर दोषी कसूता प्रचार कराया रै ।।

शिक्षा देश की पढ़ण बिठाई अपणा व्यापार चलाया रै।।

2

इंजीन्यरिंग कालेज खुलरे सैं बी टेक बिकती गिनाऊँ देखो

कुछ दिन बीएड कालेज खुल्ले इब बन्द होंते दिखाऊँदेखो

नर्सिंग कालेज आये घणे उनकी हुई दुर्गति बताऊँ देखो

मेडिकल कालेजों का काल नै योहे हाल मैं सुनाऊँ देखो

बेरोजगारी के बादल छारे घुटन का माहौल बनाया रै।।

शिक्षा देश की पढण बिठाई अपणा व्यापार चलाया रै।।

3

साठ लाख मैं एम बी बी एस दो करोड़ की एम डी होगी

इलाज मैं सेवा कित बचै पिस्से की चकाचौंध इनै ख़ोगी

गरीब की शिक्षा गई भाड़ मैं सरकार तानकै लाम्बी सोगी

बाजार व्यवस्था हावी हुई या आज बीज बिघण के बोगी

शासक वर्ग नै अपनी खातर न्यारा ढांचा सै बनाया रै।।

शिक्षा देश की पढ़ण बिठाई अपणा व्यापार चलाया रै।।

4

एयर कण्डीशण्ड दुनिया का भारत न्यारा बना राख्या रै

दूजे कांही नब्बे प्रतिशत कै सांस कसूता चढ़ा राख्या रै

एक की शिक्षा घणी जरूरी दूज्यां का ढोल बजा राख्या रै

जेण्डर बायस शिक्षा मैं यो कसूते ढाल छिपा राख्या रै

रणबीर सिंह शिक्षा पै गेरी दुभांत की कसूती छाया रै ।।

शिक्षा देश की पढ़ण बिठाई अपणा व्यापार चलाया रै।।

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