Blogगीत ग़ज़ल साच्ची बात कहण खात्तर जिगरा चहिये सै साच्ची बात कहण खात्तर जिगरा चहिये सै मंगत राम शास्त्री हांसण खात्तर मनवा बेफिकरा चहिये सै। सुंदर होण तईं… Pratibimb Media12 October 2025
Blogगीत ग़ज़ल एस.पी. सिंह की ग़ज़लः जिन्दगी का हर ज़ख़्म अब मरहम लगा लगता है ग़ज़लः जिन्दगी का हर ज़ख़्म अब मरहम लगा लगता है एस.पी. सिंह ज़िन्दगी का हर ज़ख़्म अब मरहम लगा… Pratibimb Media7 October 2025
Blogगीत ग़ज़ल एसपी भाटिया की ग़ज़ल – हमसे मत कहना ग़ज़ल हमसे मत कहना एसपी भाटिया हमसे मत कहना चुप रहो, ये दौर हमारा है, जिसने सच बोला, उसपे… Pratibimb Media26 September 2025
Blogगीत ग़ज़ल एस.पी. सिंह की ग़ज़ल- मुल्तवी कर दूं एस.पी. सिंह की ग़ज़ल- मुल्तवी कर दूं रदीफ़: “मुल्तवी कर दूं” क़ाफ़िया: मुलाक़ात, सौग़ात, बारात, जज़्बात, ताबात, बरसात, तन्हाई,… Pratibimb Media23 September 202523 September 2025
Blogगीत ग़ज़लहरियाणा कर्मचंद केसर की हरियाणवी ग़ज़ल कर्मचंद केसर की हरियाणवी ग़ज़ल चिड़िया बरगी धी नैं उड़ण नहीं देंदे। मणस बाज से हाँड़्डण फिरण नहीं देंदे।… Pratibimb Media13 September 202513 September 2025
Blogगीत ग़ज़ल एस.पी.सिंह की ग़ज़ल : सदाए-सच ग़ज़ल सदाए-सच एस.पी. सिंह हक़ की बात कहूँ ग़म नहीं डर का रौशनी का है ये असर का ज़ख़्म… Pratibimb Media12 September 2025
Blogगीत ग़ज़ल नफ़स अम्बालवी की ग़ज़ल नफ़स अम्बालवी की ग़ज़ल हसद की आग में जब लोग जलने लगते हैं तो जान बूझ के रस्ता बदलने… Pratibimb Media9 September 20259 September 2025
Blogगीत ग़ज़ल एस.पी. सिंह की ग़ज़ल — सफ़र का पता ग़ज़ल सफ़र का पता एस.पी. सिंह सफ़र के हर मोड़ पर तलाश की है मैंने किस मंज़िल को चुन्नानी है… Pratibimb Media9 September 20259 September 2025
Blogगीत ग़ज़ल एस.पी. सिंह का एक गीत एस.पी. सिंह का एक गीत उठो कि वक़्त अब है, जुनून बोलने दो ज़मीं को हिला दो, गगन को डोलने… Pratibimb Media7 September 2025
Blogगीत ग़ज़लहरियाणा कर्म चन्द केसर की हरियाणवी गजल कर्म चन्द केसर की हरियाणवी ग़ज़ल गन्दा – मन्दा फूहड़ गाणा कुछ ना सै। लय सुर ताल बिना मुंँह बाणा… Pratibimb Media2 September 20252 September 2025