Blogगीत ग़ज़ल मुनेश त्यागी का गीत- वो सुबह हमीं से आएगी गीत वो सुबह हमीं से आएगी मुनेश त्यागी जब अन्याय सब मिट जाएंगे जब सब शोषण मिट जाएंगे जब… Pratibimb Media21 December 202521 December 2025
आलोचना/ लेखकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतगीत ग़ज़लसाहित्य/पुस्तक समीक्षासाहित्यिक रिपोर्ट /संगोष्ठी अब लड़ेंगे लोग मेरे देश के अब लड़ेंगे लोग मेरे देश के मुनेश त्यागी शोषण करने वालों से अन्याय करने वालों से भेदभाव करने… Pratibimb Media13 December 2025
आलोचना/ लेखकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतगीत ग़ज़लसामाजिक/ सांस्कृतिक रिपोर्टसाहित्य/पुस्तक समीक्षा हम बनेंगी विद्रोहिनी हर जुल्मों सितम के खिलाफ हम बनेंगी विद्रोहिनी हर जुल्मों सितम के खिलाफ मुनेश त्यागी अब सीता को कर देना चाहिए इंकार… Pratibimb Media9 December 20259 December 2025
Blogगीत ग़ज़ल जितेन्द्र धीर की ग़ज़ल जितेन्द्र धीर की ग़ज़ल दोस्त है दुश्मन भी मेरा हमसफ़र हमराज़ भी। आप अपने पर फिदा मगरूर सा अंदाज़ भी।… Pratibimb Media8 December 202513 December 2025
Blogगीत ग़ज़ल रमेश जोशी का गीत- सेठजी गीत सेठजी रमेश जोशी आपके बाप का है वतन, सेठजी । लूटो जितना तुम्हारा हो मन, सेठजी । … Pratibimb Media7 December 20257 December 2025
Blogगीत ग़ज़लसमय/समाज वहां आवाज उठाना लाजिम है गीत वहां आवाज उठाना लाजिम है मुनेश त्यागी जहां बेटियां पेट में मरती हों जहां दुल्हन दहेज में… Pratibimb Media1 December 2025
Blogगीत ग़ज़ल जनकवि शील का गीत- देश हमारा धरती अपनी आज क्रांतिकारी कवि और गीतकार शील की पुण्यतिथि है। उन्होंने अपनी लेखनी से मजलूम और गरीब तबके को स्वर दिया,… Pratibimb Media23 November 2025
आलोचना/ लेखकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतगीत ग़ज़लपुस्तक विमोचनसाहित्य/पुस्तक समीक्षासाहित्यिक रिपोर्ट /संगोष्ठी जयपाल की और पांच कविताएं ज्यों नावक के तीर-2 जयपाल की और पांच कविताएं 1. ईश्वर के कण यह बात तो सब जानते हैं… Pratibimb Media20 November 202521 November 2025
अंतरराष्ट्रीयकला/कलाकारकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतगीत ग़ज़ल मूर पुरस्कार 2025 की संक्षिप्त सूची में भारतीय लेखिका नेहा दीक्षित शामिल मूर पुरस्कार 2025 की संक्षिप्त सूची में भारतीय लेखिका नेहा दीक्षित शामिल लंदन। भारतीय लेखिका नेहा दीक्षित का नाम… Pratibimb Media12 November 202512 November 2025
Blogगीत ग़ज़ल मनजीत मानवी की एक और ग़ज़ल ग़ज़ल मनजीत मानवी वो आया भी और चला भी गया इक कोह सा मगर दरमियाँ ही रहा कहीं कोई… Pratibimb Media12 November 202512 November 2025