Blogसाहित्य/पुस्तक समीक्षा

विनोद कुमार शुक्ल की उपन्यास- दृष्टि

बीच बहस में: विनोद कुमार शुक्ल की उपन्यास- दृष्टि वीरेंद्र यादव हिंदी उपन्यास में दो दृष्टियों का टकराव आमने-सामने रहा…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

अपूर्वा दीक्षित की कविता – अन्तर्द्वंद

 कविता  अन्तर्द्वंद अपूर्वा दीक्षित माँ कह रही थी अब मैं मुस्कुराता नहीं हूं,  घर से जल्दी निकलता हूँ और वक्त…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

ओमप्रकाश तिवारी की कविता – बाकी सब बढ़िया है

कविता बाकी सब बढ़िया है ओमप्रकाश तिवारी भारत में आर्थिक मंदी है बाकी सब बढ़िया है बिना वजह हजारों लोग…

Blogकर्मचारीकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

कर्मचारी आन्दोलन के ख्यातनाम नेता – बनवारीलाल बिश्नोई

हरिय़ाणाः जूझते जुझारू लोग – 2 कर्मचारी आन्दोलन के ख्यातनाम नेता – बनवारीलाल बिश्नोई सत्यपाल सिवाच छियासी साल की उम्र…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

ओमप्रकाश तिवारी की कविता – बाकी सब बढ़िया है

कविता बाकी सब बढ़िया है ओमप्रकाश तिवारी भारत में आर्थिक मंदी है बाकी सब बढ़िया है बिना वजह हजारों लोग…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांतहरियाणा

कर्मचारी, छात्र आंदोलनों के नायक रहे फूलसिंह श्योकन्द

वरिष्ठ साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता ओम सिंह अशफ़ाक से बात हो रही थी तो उन्होंने सत्यपाल सिवाच के हरियाणा के…

Blogकविता /कहानी/ नाटक/ संस्मरण / यात्रा वृतांत

अपूर्वा दीक्षित की कविता- सुनो , तुम अब भी चांद देखते हो क्या?

कविता सुनो , तुम अब भी चांद देखते हो क्या? अपूर्वा दीक्षित   ऊब चुका हो मन जब दुनिया की…