मंजुल भारद्वाज की कविता- मुहब्बत लिख गया!

कविता

मुहब्बत लिख गया!

मंजुल भारद्वाज

 

कौन,कब,कहाँ

अपने शब्दों में

मेरी मुहब्बत

लिख गया

क़िस्सा,दास्ताँ

कहानी,कविता

नाटक,उपन्यास

लिखते लिखते

जीवन जीने का

सलीका लिख गया !

 

युक्ति,सूक्ति,

सूत्र, नीति

इतिहास

लिखते लिखते

वो इंसान होने का

राज लिख गया

कौन,कब,कहाँ

अपने शब्दों में

मेरी मुहब्बत

लिख गया!

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