हरियाणाः जूझते जुझारू लोग-72
धर्मपाल शर्मा के स्वभाव में समाई है सक्रियता
सत्यपाल सिवाच
धर्मपाल शर्मा का जन्म 9 मार्च 1962 को श्री रामनिवास जोशी जी व श्रीमती भगवानी देवी के यहाँ महेन्द्रगढ़ जिले के गांव घाटाशेर में हुआ था। उनके पिता जी साधारण किसान थे। उनके पास में 25 एकड़ खेती-बाड़ी की जमीन थी, लेकिन खेती वर्षा के ऊपर निर्भर है। सिंचाई का कोई साधन नहीं है। वे सात बहन-भाई हैं। दो भाई और एक बहन इनसे बड़े हैं और दो भाई और एक बहन इनसे छोटे हैं। धर्मपाल की प्राथमिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक पाठशाला घाटाशेर में हुई। आगे की शिक्षा राजकीय उच्च विद्यालय निजामपुर में ग्रहण की और वहीं से मार्च 1978 में 10 वीं पास की। उसके बाद राजकीय महाविद्यालय नारनौल से बी.एससी. की डिग्री हासिल की। आरबीएस एजूकेशन कॉलेज रेवाड़ी से बी.एड. डिग्री हासिल की। विद्यालय, महाविद्यालय, बी.एड. कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता में कई बार प्रथम स्थान प्राप्त किया। इनकी खेलों में भी रुचि रही है। कालेज में कुश्ती प्रतियोगिता में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में पिन वेट में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ और उन्हें ‘कॉलेज कलर’ देकर सम्मानित किया ।
05 फरवरी 1986 को इन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय बावल, खंड कनीना, महेन्द्रगढ़ में विज्ञान अध्यापक के पद पर एडहॉक आधार पर कार्य शुरू किया। फिर ढाई साल बाद 01 अक्तूबर 1988 से विज्ञान अध्यापक के पद पर नियमित हुए। इन्होंने अध्यापन करते हुए अध्ययन जारी रखा और राजस्थान यूनिवर्सिटी जयपुर से इतिहास व राजनीतिक विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल की। वे अनेक विद्यालयों – नांगल दर्गू, निजामपुर, डरोली अहीर, खासपुर, नांगल काठा, घाटाशेर, गहली , निजामपुर, अनखीर (फरीदाबाद), नारनौल में विज्ञान अध्यापक के पद पर रहे।
फरवरी 2009 में उनकी पदोन्नति लेक्चरर पद पर हुई और इन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गढी रुथल खण्ड अटेली में राजनीतिक विज्ञान प्रवक्ता के पद पर कार्य ग्रहण किया। उसके बाद निजामपुर, कनीना, ढाणी बाठोठा और कोरियावास में काम किया। 31 मार्च 2020 को करोनाकाल मे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोरियावास से सेवानिवृत्त हुए।
वे 1991 में हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के खंड प्रधान चुने गये। 1996 में नारनौल पंचायत भवन में अध्यापक संघ का सम्मेलन हुआ जिसके आयोजन में उनका सक्रिय योगदान रहा। सन् 1998 में इन्हें हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ का जिला सचिव चुना गया। सत्यपाल सिवाच के सुझाव पर 1999 में हरियाणा विज्ञान मंच जिला महेंद्रगढ़ का संयोजक नियुक्त किया गया। लगातार 14 वर्ष तक विज्ञान मंच का कार्य जिले में अच्छी तरह से किया। इस दौरान हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के किसी भी पद पर न होते हुए भी इन्होंने हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के सभी आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी की । हड़ताल, भूख हड़ताल धरना-प्रदर्शन विधान सभा का घेराव में लगातार भाग लिया । महेन्द्रगढ़ जिले में लगातार बाल विज्ञान कांग्रेस, चमत्कारों का पर्दाफाश, आकाश अवलोकन, कबाड़ मे जुगाड़, विज्ञान के सस्ते प्रयोग, समाज में अंधविश्वास मिटाने का कार्य किया। महेन्द्रगढ़ जिले में घरों में आग लगने वाली घटनाओं का कारणों का पता लगाया।
धर्मपाल शर्मा को 2014 में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ का जिला प्रधान चुना गया। उनकी संगठन में सक्रियता को देखते हुए हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य सम्मेलन पलवल में 2017 में उनको हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ का राज्य सचिव चुना गया। वे 2021 तक हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ का राज्य सचिव के पद पर कार्यरत रहे। घर्मपाल शर्मा ने अध्यापक/प्राध्यापक रहते हुए जब भी यूनियन की हड़ताल की कॉल आई हड़ताल की, विधानसभा के घेराव में पंचकूला में अपनी गिरफ्तारी दी। हरियाणा रोडवेज की हड़ताल में इन्हें पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस नारनौल से 55 साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया। विज्ञान मंच के कार्यों से इन्हें अपनी जाति के लोगों का विरोध सहन करना पड़ा। अब रिटायर्ड कर्मचारी संघ में कार्यरत हैं और 2021 में उन्हें रिटायर्ड कर्मचारी संघ का राज्य उप महासचिव चुना गया। 2024 में रिटायर्ड कर्मचारी संघ का राज्य प्रेस सचिव का कार्यभार सौंपा गया और वे लगातार रिटायर्ड कर्मचारियों व पुरानी पेंशन बहाली समेत उनकी भलाई के लिए प्रत्येक आंदोलन में सक्रिय भागीदारी रहती है। (सौजन्य: ओमसिंह अशफ़ाक)

लेखक: सत्यपाल सिवाच
