साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता प्रदीप कोकरे को काले कपड़े के कारण पुलिस ने मराठी साहित्य सम्मेलन में जाने से रोका

साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता प्रदीप कोकरे को काले कपड़े के कारण पुलिस ने मराठी साहित्य सम्मेलन में जाने से रोक

नेताओं के लिए काले कपड़े पहनने वाला हर व्यक्ति उनका विरोधी होता है, खासतौर पर जो नेता किसी बड़े ओहदे पर होता है वह अपना विरोध बर्दाश्त नहीं कर पाता। नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद अफसरों में यह भय कुछ ज्यादा ही हावी हो गया है।

जाता वाकया महाराष्ट्र का है। साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित लेखक प्रदीप कोकरे ने शनिवार को पुणे में दावा किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें काली कमीज पहनने के कारण 99वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन में रोक दिया।

पुणे से 120 किलोमीटर दूर सतारा में इस कार्यक्रम का उद्घाटन शुक्रवार को फडणवीस द्वारा किया गया।

कोकरे ने मीडिया से कहा, ‘‘गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने मुझे इसलिए रोक दिया क्योंकि मैंने काली कमीज पहनी हुई थी। उन्होंने मुझे बताया कि काले कपड़े पहनने की अनुमति नहीं है क्योंकि मुख्यमंत्री फडणवीस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।’’

कोकरे की पुस्तक ‘खोल खोल दुष्काल डोले’ को 2025 का साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है।

कोकरे ने कहा, “जब मैंने इस मुद्दे पर आपत्ति जतायी तो पुलिस ने दोहराया कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी के कारण काले कपड़े पहनने वाले किसी भी व्यक्ति को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

उन्होंने बताया कि वह एक प्रकाशन संस्था का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, जिसने कार्यक्रम में दो स्टॉल लगाए थे और वे पाठकों से संवाद करना चाहते थे।

उन्होंने कहा कि यदि काला रंग विरोध का प्रतीक माना जाता है, तो आयोजकों को यह निर्देश आमंत्रण पत्र पर स्पष्ट रूप से बड़े अक्षरों में लिखना चाहिए था, ताकि लोगों को पहले से इसकी जानकारी होती।

कोकरे ने कहा, “मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि किसी साहित्यिक आयोजन में इस तरह का फरमान लागू किया जाएगा। यह पूरी तरह बेतुका है। यदि किसी साहित्यिक मंच पर काले रंग को विद्रोह से जोड़ा जाए और लोगों का मूल्यांकन उनके पहनावे के रंग के आधार पर किया जाए, तो ऐसी घटना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।”

समाचार एजेंसी पेट्र को सतारा के पुलिस अधीक्षक तुषार जोशी ने बताया कि पुलिस को कुछ संगठनों से ज्ञापन और सूचना मिली थी कि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “एहतियात के तौर पर कार्यक्रम में काली कमीज आदि पहनने की अनुमति नहीं थी।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *