न्यूयार्क के मेयर ममदानी पर बीजेपी और वीएचपी क्यों हुए नाराज?
न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी भारत का सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी और हिंदू वादी संगठन विश्व हिंदू परिषद काफी नाराज हो गए हैं। ऐसा क्यो हुआ है यह हम आपको बताते हैं।
दरअसल दिल्ली दंगे के मामले में जेल में बंद उमर खालिद को एक संदेश लिखकर न्यूयार्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा है कि हम सब आपके साथ हैं। उन्होंने संदेश में ‘‘कड़वाहट’’ को महत्व नहीं देने और स्वयं पर इसके हावी नहीं होने पर खालिद के विचारों को याद किया। इसी के बाद भाजपा और विहिप मेयर ममदानी से नाराज हो गए और इसके लिए ममदानी की आलोचना की है।

इसके अलावा अमेरिकी नेता जिम मैकगवर्न और जेमी रास्किन समेत आठ सांसदों ने भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर ‘‘दिल्ली में फरवरी 2020 की हिंसा के संबंध में खालिद समेत आरोपी व्यक्तियों को सुनवाई से पूर्व लंबे समय से हिरासत में लिए जाने के बारे में अपनी निरंतर चिंता’’ व्यक्त की है।
ममदानी की इस चिट्ठी को खालिद की सहयोगी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया था। खालिद को लिखी ममदानी की चिट्ठी की तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा था, ‘‘जब जेल लोगों को अलग-थलग करने की कोशिश करती हैं तो आपके शब्द ताकत बनकर फैल जाते हैं।’’
इस हाथ से लिखी चिट्ठी पर ममदानी के दस्तखत भी हैं। उन्होंने लिखा है, ‘‘प्रिय उमर, मैं अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात थी। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब आपके बारे में ही सोच रहे हैं।’’
फरवरी 2020 के दिल्ली दंगा मामले में ‘‘मुख्य साजिशकर्ता’’ होने के आरोप में खालिद और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कड़े आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस दंगे में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
इस बीच, अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर खालिद के लिए जमानत और ‘‘अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार निष्पक्ष एवं समयबद्ध सुनवाई’’ सुनिश्चित करने की मांग की है।
अमेरिकी नेता जिम मैकगवर्न और जेमी रास्किन उन आठ सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने क्वात्रा को पत्र लिखकर ‘‘दिल्ली में फरवरी 2020 की हिंसा के संबंध में खालिद समेत आरोपी व्यक्तियों को सुनवाई से पूर्व लंबे समय से हिरासत में लिए जाने के बारे में अपनी निरंतर चिंता’’ व्यक्त की है।
चिट्ठी में कहा गया है, ‘‘अमेरिका और भारत के बीच एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी है, जिसकी जड़ें ऐतिहासिक रूप से लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक शासन और मजबूत जन-से-जन संबंधों में रही हैं।’’
चिट्ठी में लिखा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते दोनों देशों का स्वतंत्रता, कानून के शासन, मानवाधिकारों और बहुलतावाद की रक्षा और संरक्षण में साझा हित है।
सांसदों ने कहा कि ‘‘इसी भावना के तहत’’ वे उमर खालिद की हिरासत को लेकर अपनी चिंताएं उठा रहे हैं।
सांसदों का दावा है कि मानवाधिकार संगठनों, विधि विशेषज्ञों और वैश्विक मीडिया ने खालिद की हिरासत से जुड़ी जांच और कानूनी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
अमेरिकी सांसदों ने कहा कि वे समझते हैं कि ये मामले इस समय उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं और उन्होंने इस बात का स्वागत किया कि खालिद को अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी जमानत दी गई।
उन्होंने आग्रह किया कि खालिद को जमानत दी जाए और अदालत की कार्यवाही की अवधि के दौरान रिहा रखा जाए।
भाजपा ने कहा : भारत आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं करेगा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी पर कार्यकर्ता उमर खालिद के बारे में ‘नोट’ लिखकर भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत इस तरह के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेगा।
भारत के आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने को लेकर ममदानी के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने न्यूयॉर्क शहर के मेयर को ऐसे प्रयासों के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘यदि भारत की संप्रभुता को चुनौती दी जाती है, तो 140 करोड़ भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट होकर खड़े होंगे।’’
उन्होंने कहा कि भारत की जनता को देश की न्यायपालिका पर ‘‘पूरा भरोसा’’ है।
भाटिया ने आरोप लगाया, ‘‘यदि कोई भी किसी आरोपी के समर्थन में सामने आता है और भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है, तो देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।’’
संवाददाता सम्मेलन में ममदानी की चिट्ठी के बारे में पूछे जाने पर भाटिया ने कहा, ‘‘यह बाहरी व्यक्ति कौन होता है, जो हमारे लोकतंत्र और न्यायपालिका पर सवाल उठाए और वह भी ऐसे व्यक्ति के समर्थन में जो भारत को तोड़ना चाहता है? यह उचित नहीं है।’’
भाटिया ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अपनी विदेश यात्राओं के दौरान ‘‘भारत विरोधी ताकतों और भारत के दुश्मनों’’ से मिलते हैं और उन्हें भारत के खिलाफ ‘‘झूठ’’ फैलाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी अपनी विदेश यात्राओं के दौरान भारत के बारे में ‘‘झूठ’’ बोलते हैं, जिससे लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में उनकी जिम्मेदारी के प्रति कोई सम्मान नहीं दिखता।
भाटिया ने कहा, ‘‘उनके (गांधी) के लिए भारत से शत्रुता रखना और जॉर्ज सोरोस (अमेरिकी अरबपति और निवेशक) तथा इल्हान उमर (अमेरिकी सांसद) के साथ करीबी रिश्ते बनाये रखना उचित नहीं है। यह न्यायसंगत नहीं है। भारत की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।’’
विहिप ने चिट्ठी के लिए ममदानी की आलोचना की

विहिप ने न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद को लिखी गई चिट्ठी की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया गया कि उन्होंने ‘‘भारत को विभाजित करने की बात करने वाले अपराधियों’’ के बचाव में आकर कुरान का अपमान किया है।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने उन अमेरिकी सांसदों की भी कड़ी आलोचना की, जिन्होंने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर खालिद को जमानत देने का आग्रह किया है।
उन्होंने दावा किया कि वे भारत में ‘‘अपराधियों’’ के समर्थन में सामने आते हैं, लेकिन जब अमेरिका में हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमले होते हैं तो ‘‘चुप रहते हैं’’।
उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर भी सांसदों ने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने ममदानी से ‘‘आत्मनिरीक्षण’’ करने को कहा।
